गोण्डा संवाददाता सतीश वर्मा
गोंडा : आइए हम व्यापार के नाम पर करोड़ों की कर चोरी करने वालों की करतूत से वाकिफ कराते हैं। अपने फर्म में काम करने वालों के नाम पर फर्जी फर्म बनाई। इन अस्तित्वहीन व बोगस फर्मों के नाम पर बीते दो वर्षों में 500 करोड़ से अधिक का कारोबार दर्शा दिया। इस कारोबार से 32 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (कर चोरी) का लाभ लेकर सरकार के राजस्व को चूना लगाया।नगर के साहबगंज बड़गांव निवासी अमित कुमार अग्रवाल अमित ट्रेडिग कंपनी के मालिक हैं। दिसंबर 2020 में बोगस फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपये की कर चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में वाणिज्य कर अधिकारियों ने नगर कोतवाली में मुकदमा किया था। पुलिस ने आलोक कुमार जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल व आदित्य को पहले गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय व एडिश्नल कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा वाणिज्य कर अयोध्या संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में पकड़े गए तीनों ने बताया कि वह अमित कुमार अग्रवाल के यहां नौकरी करते हैं। अमित ने कूटरचित रूप से उनके नाम पर जीएसटी में पंजीकरण करा लिया। अधिकारियों ने बताया कि कूटरचना कर 14 फर्में बनाई गईं। ये फर्में मध्यप्रदेश, लखनऊ सहित अन्य जिलों की दर्शाई गई हैं। इनके माध्यम से बीते दो वर्षों में 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया जाना दर्शाकर 32 करोड़ रुपये की कर चोरी की गई है। एसपी ने बताया कि अमित अग्रवाल को बुधवार को गिरफ्तार किया गया है। उसके घर से विभिन्न जिलों व दूसरे प्रदेशों की अस्तित्वहीन फर्मों से संबंधित मोहर, लेटरपैड, लेजर अकाउंट व इनवाइस पाई गई है। अमित ट्रेडिग कंपनी के खाते से कर चोरी का मामला सामने आया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन छानबीन चल रही है। कई और फर्में भी जांच के दायरे में हैं

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