गोण्डा संवाददाता सतीश वर्मा

गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की करीब-करीब जमीन सज चुकी है। आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद संभावित दावेदारों अपने क्षेत्रों में मतदाताओं का मन टटोलने में जुटे हैं। इसी बीच नामांकन की तैयारियों को लेकर निर्वाचन महकमा तैयारी पूरी कर रहा है।
नामांकन पत्र भी छप कर आ चुके हैं और नामांकन शुल्क भी तय हो गए हैं।15 मार्च के बाद आरक्षण और मतदाता सूची अंतिम रूप से पूरी हो जाएगी, फिर चुनावी समर और चटख हो जाएगी। 22 मार्च तक लोगों को अनुमान है कि चुनाव की तिथियां आ जाएंगी।
पंचायत चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले प्रत्याशी को कम से कम 650 रुपये से लेकर 4500 रुपये खर्च करने होंगे। हालांकि, आरक्षित वर्ग में आने वाले लोगों को आधा पैसा ही जमा करना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को 150 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क और 500 रुपये की जमानत राशि देनी होगी।

इस तरह से कुल 650 रुपये हैं तो पंचायत प्रत्याशी के लिए चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। वहीं, ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र का 300 रुपये शुल्क और 2000 रुपये जमानत राशि अदा करनी होगी।
एक तरह प्रधानी के चुनाव के लिए 2300 रुपये की व्यवस्था कर सकते हैं तो चुनाव में किस्मत आजमा सकते हैं। ग्राम प्रधान की तरह ही क्षेत्र पंचायत सदस्य यानी बीडीसी के लिए भी 300 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क और 2000 रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी।

ऐसे ही जिला पंचायत सदस्य को 500 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क और 4000 रुपये जमानत राशि अदा करने होंगे यानी कुल 4500 रुपये की जमा करने होंगे। वहीं, अगर उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अथवा महिला वर्ग से है तो उन्हें नामांकन पत्र का शुल्क और जमानत राशि की निर्धारित राशि की आधी धनराशि देनी होगी।
16 विकास खंडों के 1044 पंचायतों के प्रधानों और 13136 पंचायत सदस्यों के पदों के लिए हुए चुनाव में 22988 लोग मैदान में उतरे थे। इसी तरह 51 जिला पंचायत सदस्यों और 1240 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए 94510 प्रत्याशी थे। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 830 और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर 8580 लोगों ने ताल ठोंकी थी।

इस तरह वर्ष 2015 के निर्वाचन में करीब 33 हजार प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। इस बार पंचायतों के साथ ही सदस्यों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में चुनाव लड़ने वालों की संख्या 50 हजार के करीब होने की उम्मीद है और हर किसी की नजर पंचायतों के गठन के बाद अब आरक्षण पर टिकी है।


पंचायत निर्वाचन में एक करोड़ 6 लाख के करीब बैलेट की जरूरत जिले में हैं, जो आ गए हैं। सदस्य ग्राम पंचायत के लिए 27.11 लाख मतपत्र मिले। प्रधान पद के लिए 27.05 मतपत्र आवंटित हुए हैं। बीडीसी के लिए भी 27.09 लाख मतपत्र का आवंटन हुआ है। सदस्य जिला पंचायत पद के लिए 26.99 लाख मतपत्र का उपयोग होगा।

इससे चुनाव की तैयारी पूरी हो गई है। ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव एक साथ होंने का अनुमान है। चुनाव में प्रधान पद के लिए हरे रंग का मतपत्र प्रयोग किया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र होगा।

क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए नीले रंग का तो जिला पंचायत सदस्य पद के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर प्रयोग किया जाएगा। सभी मतपत्र जिले में आ गए हैं और उन्हें सुरक्षित रखा गया है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां करीब-करीब पूरी हो गई हैं। जिले में 26.53 लाख मतदाता पंचायत चुनाव में प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। मंडल में इकलौता गोंडा जिला था जहां इस बार 160 नई पंचायतों का गठन हुआ है।

गठन से पहले ही तैयार हुई मतदाता सूची 1054 पंचायतों के लिए बनी थी। गठन की कार्रवाई पूरी होने के बाद निर्वाचन विभाग ने सूची को 1214 पंचायतों में बांटने की कार्रवाई पूरी कर ली। आपत्तियों का निराकरण 14 मार्च तक करके, 15 मार्च तक फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।

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