सिंगरौली (राजेश सिंह)

दिखावे के लिए की जाती है जांच जांच के नाम पर ली जाती है मोटी रकम

सिंगरौली-मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में लगातार आरटीओ चेक पोस्ट खबरों में छाया रहता है और ऐसा केवल चेक पोस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर है आपको बताते चलें कि चेक पोस्ट जहां अवैध गतिविधियों को लगाम लगाने की मनसा से शासन के तरफ से स्वीकृत हुआ है वही हाल ठीक इसके विपरीत देखने को मिल रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बॉर्डर पर से प्रवेश करने वाले वाहनों से कायदा एंट्री फीस वसूली जाती है इसके लिए बकायदा कर्मचारी भी रखे गए हैं और यह कर्मचारी शासन के ना होकर बिचौलिए होते हैं जिन पर प्रशासन की तरफ से कार्रवाई के नाम पर यह कह कर खानापूर्ति कर दिया जाता है कि पोस्टों पर ऐसा कुछ भी नहीं है परंतु खानहना बॉर्डर से लेकर करौटी के चेक पोस्ट तक मोरवा चेकपोस्ट के नाम का बोर्ड लगा रहता है इस चेक पोस्ट पर तैनात कर्मचारियों को आसानी से अवैध रूप से वसूली करते देखा जा सकता है परंतु शहर के प्रमुख थानों से दूर यह चेक पोस्ट जिस तरीके से लगातार अवैध कमाई का अड्डा बना हुआ है उस पर जिले के जिम्मेदार आखिर खामोश क्यों हैं इस पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है जबकि जिम्मेदारों के द्वारा बॉर्डर का निरीक्षण किया जाता है परंतु इन चेक पोस्टों की तरफ कोई नजर उठा कर नहीं देखता जो कि अपने आप में ही विषय वस्तु को गुप्त करने की तरफ इशारा करता है।

संबंधित मामले पर हमारी नजर बनी हुई है और आने वाले समय पर इन चेक पोस्टों को लेकर और कहानी सामने आएगी बने रहिए हमारे साथ

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