लो-वोल्टेज की समस्या,जुगनू की तरह टमटमाते हैं बल्व


सिंगरौली जिले में करीब एक महीने से लो-वोल्टेज एवं बिजली की अघोषित कटौती उपभोक्ताओं के सिरदर्द बन गयी है। आलम यह है कि अघोषित कटौती के चलते अब लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बाद अब कमलनाथ सरकार की याद आने लगी है। वहीं यह बिजली की कटौती म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर के निर्देश पर किये जाने की खबर है।
दरअसल जिले में तकरीबन एक महीने से बिजली की आंख मिचौली लो-वोल्टेज से उपभोक्ता त्रस्त होकर प्रदेश के शिवराज सिंह सरकार को कोसने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जिले के ग्रामीण अंचलों में कई घण्टे तक बिजली गुल रहती है। वहीं आधी रात के समय बिजली जाना लगभग तय रहता है। यह समस्या माड़ा, रजमिलान व सरई, देवसर, चितरंगी इलाके में सर्वाधिक है। यहां के उपभोक्ताओं ने बताया कि पहले लो-वोल्टेज इसके बाद रात के जैसे ही 12 बजता है बिजली गुल हो जाती है। सब स्टेशन में पता करने पर जानकारी मिलती है कि जबलपुर से बिजली कटौती करने का निर्देश है। मोटरपम्प के लिए केवल 10 घण्टे तीन फेस बिजली देने का शेड्यूल आया है। इसीलिए अन्य समय में एक फेस ही बिजली आपूर्ति की जाती है। कटौती के मामले में एमपीईबी का अमला पल्ला झाड़ ले रहा है। फिलहाल उपभोक्ताओं ने कलेक्टर एवं कार्यपालन अभियंता एमपीईबी सिंगरौली का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बिजली व्यवस्था सुदृढ़ किये जाने की मांग की है।

उमस भरी गर्मी से हाल बेहाल
एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी हाल बेहाल कर दी है। आलम यह है कि घरों के अंदर भी रहना मुश्किल हो जा रहा है। कूलर, पंखे भी काम नहीं कर रहे हैं। वहीं बिजली गुल होने के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर छायादार पेंड़ों की तलाश करते हैं। रात के समय मच्छरों के आतंक से रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। यह विकराल समस्या समूचे जिले में है। उपभोक्ता त्रस्त होकर अब प्रदेश सरकार को जहां कोस रहे हैं तो वहीं विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रदेश शिवराज सरकार पर खूब ताने कसते हुए सोशल मीडिया में तीखा हमला बोल रहे हैं।

इनका कहना है
तीन फेस बिजली 10 घण्टे देने का शेड्यूल है। अघोषित कटौती कहीं नहीं है यदि जहां लो-वोल्टेज की समस्या होगी उसे दूर कराया जायेगा।
अवनीश सिंह
कार्यपालन अभियंता, एमपीईबी ग्रामीण, बैढऩ

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