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सचिव हटाने को लेकर पंच एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

SINGRAULI NEWS : पंचायत सचिव की मनमानी का खेल कोई नया नहीं है आए दिन पंचायतों में पदस्थ सचिव के कारनामे उजागर होते रहते हैं.

ग्राम विकास की अवधारणा को पूर्ण करने में अपनी सहभागिता रखने वाले सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति यदि भ्रष्टाचार करने पर उतारू हो जाए तो संभवत पंचायत के विकास पर ग्रहण लगना कोई नई बात नहीं है अक्सर देखने में आया है कि पंचायत में पदस्थ सचिव शासकीय कार्यों में अनियमितता सहित पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों को नजरअंदाज कर चांदी काटने में ही मशगूल रहते हैं सिंगरौली जिले के एक पंचायत का ऐसा मामला निकल कर सामने आया है.

जिसमें की पंचायत के पंच एवं ग्रामीण ने सचिव को हटाने को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान तक को पूरे मामले की शिकायत कर दी है ग्रामीणों ने इसके लिए कई बार मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन देकर सचिव को हटाए जाने की मांग की परंतु सचिव को अब तक हटाया नहीं जा सका है ग्रामीण बताते हैं कि सचिव पर राजनैतिक सरपरस्ती है जिस कारण से प्रशासन भी इस पूरे मामले पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

जानें पूरा मामला

सिंगरौली जिले के जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खुटार के ग्रामीणों सहित चुनकर आए पंचों में भी सचिव को लेकर काफी आक्रोश पैदा हो गया है जिसके बाद ग्राम पंचायत खुटार में पदस्थ अतिरिक्त सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा को लेकर 14 पंच सहित वरिष्ठ नागरिक ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली को आवेदन देकर सचिव को हटाए जाने की मांग की है। पंच एवं ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत खुटार में जो भी शासकीय योजनाएं आती है.

वह गरीब व्यक्तियों को नहीं मिल पा रही है सचिव अपने हितैषी ओ को ही योजनाओं का लाभ दे रहा है सभी सरकारी योजना जैसे संभल कार्ड कर्मकार कार्ड वरिष्ठ नागरिक का सूची वृद्धा पेंशन आयुष्मान कार्ड आवास योजना विधवा पेंशन के हितग्राहियों को सारी योजनाओं से वंचित रख रहा है एवं स्थानीय लोग सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है सचिव द्वारा अपने हित राशियों को ही सारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है भले ही वह अपात्र हो जिससे गांव के लोगों में काफी ज्यादा आक्रोश व्याप्त हो गया है।

जिला पंचायत अधिकारी को लिखित शिकायत में लिखा गया है कि प्रभारी सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के द्वारा ग्राम पंचायत खुटार में मासिक बैठक नहीं बुलाई जा रही नाही ग्रामसभा को बिना सूचना मुरादी की ग्राम सभा का आयोजन प्रभारी सचिव द्वारा किया गया जिसमें की 40 से 50 लोग आए ग्राम पंचायत खुटार में 5600 लोग निवासरत है जबकि कोरम पूर्ति के लिए 560 सदस्यों का उपस्थित होना अनिवार्य है सचिव द्वारा कोरम के अभाव में ग्राम सभा को स्थगित किया जाना चाहिए एवं अन्य किसी ग्राम सभा का आयोजन किया जाना चाहिए था परंतु सचिव द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि सचिव द्वारा ग्राम पंचायत खुटार को ओडीएफ दिखाया गया है लेकिन आज भी गांव की 90% आबादी खुले में शौच करने को मजबूर है क्योंकि सिर्फ कागजों पर ही शौचालय का निर्माण हुआ है जमीनी स्तर पर शौचालय का निर्माण नहीं हुआ एवं पूरे पैसे का गबन सचिव द्वारा कर दिया गया है।

पैतृक ग्राम में ही पदस्थ है पंचायत सचिव

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया है कि जितेंद्र विश्वकर्मा अपने पैतृक ग्राम में ही पदस्थ हैं जबकि इस तरह की पदस्थापना नियमों के विपरीत है.

नियमों का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने आगे लिखा है कि यदि किसी सचिव का रिश्तेदार ग्राम पंचायत का सरपंच या पंच हो जाता है तो सचिव का स्थानांतरण अन्य ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए परंतु अतिरिक्त प्रभार सचिव के खास परिवार के सदस्य राजेश विश्वकर्मा पंच जोकि वार्ड क्रमांक 5 ग्राम पंचायत खुटार के सदस्य हैं.

कई नियमों का हवाला देते हुए संबंधित पत्र में दर्शाया गया है कि हर बात सचिवों के पद स्थापना एवं ट्रांसफर को लेकर यह नियम में आया है कि पंचायत सचिव मूल निवास ग्राम पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकते हैं। आवेदन में सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा पर मूलनिवासी होने के साथ-साथ जनता के साथ किए जा रहे भेदभाव को लेकर स्पष्ट तौर पर शिकायत की गई इसके साथ ही सचिव की राजनैतिक सरपरस्ती एवं राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप भी ग्रामीणों के द्वारा पत्र में लगाया गया है।

ग्रामीणों के द्वारा वर्तमान सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा को लेकर बताया गया है कि 2013 में ग्राम पंचायत कोटा के सचिव पद पर पदस्थ रहते हुए उनके द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 8 खुटार करैया टोला में निर्माणाधीन आगनबाड़ी का पैसा निकाल लिया गया था जिसका रिकवरी तत्कालीन सरपंच व सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के द्वारा भरा गया या घटना सचिव की भ्रष्टाचार के मामले को उजागर कर रहा है।

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