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21 साल की उम्र में IAS कैडर में प्रवेश करने वाली Pooja Singhal पर ED raid

IAS Pooja Singhal ED raid: रांची : 21 साल की उम्र में आईएएस कैडर में प्रवेश करने वाली सबसे कम उम्र की होने के कारण लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ( Limca Book of Records ) में दर्ज करने वाली 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी पूजा सिंघल ( IAS Pooja Singhal ) अब ईडी और अन्य जांच एजेंसियों के शिकंजे में घिर चुकी हैं, हालांकि इससे पहले भी आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल का घर-परिवार से लेकर नौकरी में अब तक का सफर विवादों से घिरा रहा है। नौकरी में रहने के दौरान जहां-जहां उनकी पोस्टिंग रही, उन पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के कई गंभीर आरोप लगे।

झारखंड में कार्यरत माइनिंग सेक्रेटरी IAS अधिकारी पूजा सिंघल (mining secretary of Jharkhand Pooja Singhal) के बेहद खास और उसके चार्टेड अकाउंटेंट सुमन कुमार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार शाम को सुमन कुमार (Suman Kumar is a CA of IAS official) की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई।

गिरफ्तार आरोपी चार्टेड अकाउंटेंट सुमन कुमार वही शख्स है, जिसके आवास से शुक्रवार सुबह को छापेमारी के दौरान करीब 19 करोड़ 31 लाख रुपये की नकदी (ED has recovered Rs 19.31 crores) समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज को जप्त किया गया था। उस रकम के बारे में ऐसा शक जताया जा रहा है कि उसका कनेक्शन पूजा सिंघल समेत कई अन्य बड़े आरोपियों के साथ हो सकता है। लिहाजा उस मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तार से तफ़्तीश किया जा रहा है।

  IAS Pooja Singhal ED raid   अगर छापेमारी की बात करें तो ईडी की टीम (Enforcement Directorate) द्वारा अवैध तौर पर मनरेगा घोटाला से जुड़े मामले में और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल (IAS Pooja Singhal) के आवास सहित कई चार राज्यों में 18 लोकेशन पर छापेमारी की गई थी। ये खबर पूरे झारखंड के ब्यूरोक्रेसी में काफी चर्चा का केंद्र बन गई।

ईडी की टीम झारखंड (Jharkhand), बिहार (Bihar), ओडिशा (Odisha), राजस्थान (Rajasthan), पंजाब ( Punjab), हरियाणा (Haryana),पश्चिम बंगाल के कोलकाता के करीब 18 लोकेशन पर छापेमारी को अंजाम दी थी।

इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई बड़े घोटाले से जुड़े दस्तावेजों सहित और पिछले कई सालों से मनरेगा घोटाला से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले कई सफेदपोश अधिकारी, नेताओं (Poltician), ब्यूरोक्रेट के खिलाफ महत्वपूर्ण इनपुट्स और उनसे जुड़े कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों को भी जप्त किया गया है, जिसे जांच एजेंसी द्वारा विस्तार से हर इनपुट्स को खंगालने में टीम जुट गई है।

   IAS Pooja Singhal ED raid कई आरोपियों से हो सकती है पूछताछ

झारखंड में IAS अधिकारी पूजा सिंघल ,उसके पति समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ हुई ईडी की कार्रवाई और छापेमारी के दौरान कई अन्य आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण इनपुट्स और सबूत मिले हैं। माना जा रहा है कि इस मामले की पड़ताल के लिए अगले सप्ताह सोमवार से कई आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजने का काम जांच एजेंसी द्वारा किया जा सकता है।


IAS Pooja Singhal ED raid गिरफ्तार आरोपी सुमन कुमार (handles accounts of Singhal husband) का संबंध पूजा सिंघल के पति के साथ भी पिछले काफी समय से रहा है, लिहाजा उससे भी जल्द ही पूछताछ होने की संभावना है। ईडी के सूत्र के मुताबिक छापेमारी के दौरान जिस तरह से करोड़ो रूपये की नकदी और अन्य सबूत जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं, उससे जुड़ी जानकारी को समझने के लिए और निष्पक्ष तरीके से तफ़्तीश करने के लिए उनका बयान दर्ज करना बेहद आवश्यक है। लिहाजा जल्द ही पूछताछ की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।

IAS Pooja Singhal ED raidझारखंड ACB द्वारा दर्ज मामले को आधार बनाते हुए ED ने दर्ज किया मामला


ED के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, ये मामला झारखंड में कार्यरत रहे पूर्व JE राम विनोद सिन्हा से जुड़ा हुआ शुरुवाती मामला है, जिसके खिलाफ झारखंड स्थित एन्टी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक मामला साल 2012 में भी दर्ज किया था, उसी मामले में ये इनपुट सामने आया था कि जब आरोपी राम विनोद सिन्हा जूनियर इंजीनियर होता था, तब से उसका कनेक्शन कई ऐसे लोगों से जुड़ा जो मनरेगा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ था।

इसी वजह से ईडी की टीम झारखंड के रांची, खूंटी, दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत फरीदाबाद (Faridabad),चंडीगढ़ (Chandigarh), गुरुग्राम (Gurugram), राजस्थान के जयपुर (Jaipur, Rajasthan), बिहार के मुजफ्फरपुर सहित कुल 18 लोकेशन पर छापेमारी को अंजाम दिया गया।

झारखंड में माइनिंग सेक्रेटरी पूजा सिंघल के बारे में ये भी बताया जाता है कि जब कुछ सालों पहले जब वो खूंटी में DC पद पर कार्यरत थी तब से इस मामले का मुख्य आरोपी राम विनोद सिन्हा का बहुत अच्छा संबंध रहा था। लिहाजा, इस मामले की तह तक जाने के लिए ईडी द्वारा इस सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

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