इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूरी दुनिया फोकस कर रही है और भारत भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भविष्य के लिए रणनीति बना रहा है। इन इलेक्ट्रिक वाहनों की पॉलिसी कई राज्यों में बन चुकी हैं और अभी कई राज्यों में इसे बनाने का काम भी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब अपनी इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी घोषित कर दी है राज्य सरकार ने गुरुवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इलेक्ट्रिक वाहन की नीति को मंजूरी दी है।

सरकार ने पॉलिसी को 3D बनाया और जिससे 3 अलग-अलग लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तैयार किया गया है और  नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर खरीदारों को सरकार छूट दे रही है। अपने राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और चार्जिंग स्टेशन या बैटरी स्वैपिंग सेंटर स्थापित करने वालों को सरकार की ओर से कई तरह की रियायतें दी जाएंगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को आकर्षक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। इसमें उत्तर प्रदेश में खरीदे और पंजीकृत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर नीति की प्रभावी अवधि के पहले तीन सालों के दौरान रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट शामिल है। किसी ग्राहक का इलेक्ट्रिक वाहन यूपी में ही बना है, तो उसे ये छूट चौथे और पांचवे साल में भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी।

सरकार अब राज्य में खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को फैक्ट्री मूल्य पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी देगी। राज्य में पहले खरीदे जाने वाले 2 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर 5,000 रुपये प्रति वाहन की छूट मिलेगी। वहीं, शुरुआती 50,000 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन पर सरकार 12,000 रुपये प्रति यूनिट छूट देगी. वहीं, इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले पहले 25,000 ग्राहकों को 1 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।

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