फिर गरजा नगर निगम का बुलडोजर

 अतिक्रमण करता से कराई गई बेशकीमती जमीन मुक्त

सिंगरौली: सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में कुछ समय से बंद पड़े बुलडोजर अचानक से फिर जाग गए हैं एवं नगर निगम के इन बुलडोजर ओने अतिक्रमण करता से मुख्यालय में स्थित बेशकीमती जमीन को लंबे समय से अतिक्रमण करता से आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद मुक्त करा ली गई

आज सुबह से नगर निगम अमला एवं राजस्व अमले सहित जिले के पुलिस बल को लेकर कई दशकों से शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमण कारी पर फिर संगत कार्रवाई करते हुए पूर्व में नोटिस जारी की गई थी एवं अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी गई एवं अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर आखिरकार प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर दी गई

35 साल से था अतिक्रमण

जिला मुख्यालय में स्थित जिले के कोतवाली थाना से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 35 साल से अतिक्रमण किए गए अतिक्रमण करता के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया प्रशासन ने कई बार संबंधित मामले में व्यक्ति को विधि अनुसार नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया

परंतु आक्रमण करता के द्वारा संबंधित नोटिस को हर बार दरकिनार किया गया आपको बताते चलें कि बैढ़न बस स्टैंड के ठीक पीछे स्थित शासकीय जमीन पर 35 साल से अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमण करता को नोटिस देने के बाद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आज मौके पर एसडीएम सिंगरौली तहसीलदार की मौजूदगी में नगर निगम कमिश्नर सहित नगर निगम अमला रहा मौजूद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात।

शासकीय जमीन पर कब्जा कर व्यक्ति वसूल रहा था किराया

35 वर्ष से पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध रूप से मकान निर्माण कर व्यक्ति के द्वारा मकान को किराए पर दिया गया था मिली जानकारी के अनुसार संबंधित अवैध निर्माण कर निर्माण करता कि द्वारा प्रतिमाह ₹10000 किराए से वसूल किया जा रहा था

इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति जोकि रीवा का रहने वाला है यहां नहीं रहता है उसने शासकीय जमीन को काफी लंबे अरसे से अपने कब्जे में कर रखा था लोगों ने बताया कि किसी तिवारी नाम के व्यक्ति के द्वारा यह अवैध निर्माण काफी लंबे समय पहले किया गया उस समय सिंगरौली जिला अपने अस्तित्व में भी नहीं था उस समय से मुख्यालय स्थित जमीन पर कब्जा कर लिया एवं मकान बनाकर किराए पर देखकर मकान का किराया वसूल कर रहा था।

करोड़ों रुपए की है बेशकीमती जमीन

अतिक्रमण कारी के द्वारा जिस शासकीय जमीन पर 35 वर्षों से लगातार कब्जा कर उस पर अवैध निर्माण किया गया था उस जमीन की बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में आंकी जा रही है हालांकि इस दौरान भी अतिक्रमण कारी के द्वारा यह कहा जा रहा था कि प्रशासन ने उसे समय नहीं दिया

जबकि इस पूरे मामले मैं कई वर्षों से अतिक्रमण करता के द्वारा जिस तरह से अनाधिकृत रूप से कब्जा कर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था वह कल से नहीं उतर रहा है अतिक्रमण करता रीवा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है जहां वह प्रोफेसर कॉलोनी में निवासरत है ऐसे में लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म था और साथ ही यह कहा जा रहा था कि संबंधित व्यक्ति शासकीय कर्मी है एवं उसके द्वारा शासकीय जमीन पर अतिक्रमण किया गया हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है या तो जांच का विषय है और हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं

प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

अतिक्रमण विरोधी इस कार्यवाही के दौरान उपखंड मजिस्ट्रेट सहित तहसीलदार एवं राजस्व अमला के साथ में नगर निगम कमिश्नर आरपी सिंह एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी कर्मचारी इस अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को सुचारू रूप से एवं किसी भी प्रकार की अपनी घटना को लेकर पुलिस विभाग भी बेहद सतर्क नजर आया एक तरफ जहां प्रमुख मार्ग के किनारे अतिक्रमण की यह कार्रवाई की जा रही थी सुबह से ही बैरिकेडिंग कर आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया एवं विभिन्न जगह पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा

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