Free Solar Plant: में बिजली संकट जैसी स्थिति से बचने के लिए सोलर जैसी योजना का फायदा लिया जा सकता है। 25 साल तक फ्री बिजली और कमाई जरिया भी आप सोलर प्लांट को बनाने के बाद फायदा ले सकते हैं। सोलर पैनल लगवाने से पहले आपको अपने घर पर होने वाली बिजली खर्च का आंकलन करने को जरूरत होती है।

सोलर प्लांट कई तरह के हो जाते हैं, क्योंकि पैनल के साथ लगने वाली बैटरी और ऑन ग्रिड के विकल्प भी मौजूद किया जाता है।

इन्वर्टर भी सोलर वाला अलग से माना जाता है। आजकल सोलर और बिजली के लिए एक ही इन्वर्टर काम में आता है। इन्वर्टर पर ही निर्भर करता है कि वह बादल वाले मौसम में भी बिजली सप्लाई करना जारी रखता है। ऑन ग्रिड में आपको सरकार अतिरिक्त बिजली बनने पर पैसा मिल जाता है।

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपको अपने घर में 1 टन के 2 इन्वर्टर एयर कंडीशनर चला रहे हैं, साथ में कूलर, पंखे और लाइट चलानी है तो आपको न्यूनतम 4 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगाना होगा जो प्रतिदिन कम से कम 20 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है।

एक 4 किलोवॉट के सोलर प्लांट में आप 2 एयरकंडीशनर के साथ-साथ घर के अन्य सभी इक्विपमेंट्स जैसे पंखे, कूलर, लैपटॉप, लाइट्स आदि चलाने के बाद फायदा ले सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आप 5 KW का सोलर प्लांट किस तरह लगा कर अपने घऱ में लाइट का खर्चा बचाने में मदद करता है। यही नहीं, यदि आप अपने सोलर प्लांट द्वारा बनाई गई पूरी विद्युत का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं तो आप उस इलेक्ट्रिसिटी को सरकार को बेच कर कमाई भी आसानी से कर पाएंगे।

सोलर प्लांट के लिए जरूरी है ये समान

किसी भी सोलर प्लांट के लिए सबसे आवश्यक सामग्री एक सोलर इन्वर्टर, सोलर बैटरी, सोलर पैनल होते हैं। इसके बाद वायर फिक्सिंग, स्टैंड आदि का खर्चा किया जाता है जिस पर अतिरिक्त पैसा देना होता है। इस तरह इन सभी चीजों को मिलाकर हम खर्चा आसानी से निकाल पाएंगे।

सोलर इन्वर्टर

वर्तमान में मार्केट में 5 किलोवाट के सोलर इन्वर्टर मिलते हैं जिन्हें 4 किलोवॉट का प्लांट चलाने को।लेकर आप खरीदने के बाद फायदा ले।सकते हैं। हालांकि यह थोड़ा सा महंगा पड़ता है। यदि आपका बजट कम है तो आपको पीडब्ल्यूएम तकनीक वाला सोलर इन्वर्टर लेना जरूरी माना जाता है।

सोलर बैटरी

सोलर बैटरी के आकार पर ही उसकी लागत निर्भर करती है। यदि आप 4 बैटरी इन्वर्टर लेंगे तो वह सस्ता मिल जाता है परन्तु यदि आप 8 बैटरी वाला इन्वर्ट लेंगे तो वह दुगुनी कीमत में दिया जा रहा है। एक मोटे अंदाजे के अनुसार एक बैटरी आपको लगभग 15,000 रुपए की पड़ जाता है।

सोलर पैनल्स

मार्केट में अभी तीन तरह के सोलर पैनल मिलते हैं, जिनकी कीमत अलग रखी गई है। इन तीनों को पॉलीक्रिस्टेलीन, मोनो पर्क, और बाइफेसिएल कहा जाता है। यदि आपका बजट कम है और स्पेस ज्यादा है जो आपको पॉलीक्रिस्टेलीन सोलर पैनल का यूज करना चाहिए। परन्तु आपके पास स्पेस कम है तो आपको बाइफेसियल सोलर पैनल यूज करना काफी अहम होता है।

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