Housing Loan Limit: होम लोन लेकर घर बनाने वालों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक बड़े फैसले के बाद अब शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंकों से अधिक लोन मिल पाएगा। इन बैंकों की किसी व्यक्तिगत ग्राहक को दी जाने वाली कर्ज की सीमा को बढ़ा दिया गया है। शहरी सहकारी बैंकों के लिए जो लिमिट अब तक 70 लाख रुपए थी, उसे बढ़ाकर 1.40 करोड़ रुपए कर दिया गया है। वहीं ग्रामीण सहकारी बैंकों से अब तक 30 लाख तक का ही होम लोन मिलता था। इसे बढ़ाकर 55 लाख कर दिया गया है।

RBI ने रियल स्टेट सेक्टर पर महंगाई के असर को देखते हुए यह फैसला लिया है। यह समीक्षा करीब 10 साल बाद की गई है। सहकारी बैंकों के साथ ही ग्रामीण बैंकों में यह सुविधा दी गई है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक फायदा हो सके।

शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और ग्रामीण सहकारी बैंकों (आरसीबी- राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों) द्वारा दी जा रही व्यक्तिगत आवास ऋण की सीमा को क्रमशः 2011 और 2009 में निर्धारित किया गया था। इस इसमें बदलाव कर 100 प्रतिशत कर दिया गया है। आरबीआई का मानना है कि इससे आवास क्षेत्र में ऋण का प्रवाह बढ़ेगा। अधिक से अधिक लोग होम लोन के लिए आगे आएंगे।

अब घर तक आएगा बैंक

यह भी निर्णय लिया गया है कि शहरी सहकारी बैंकों को अपने ग्राहकों को घर-घर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की अनुमति दी जाए। यह शहरी सहकारी बैंकों को अपने ग्राहकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाएगा।

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