सिंगरौली / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री राजीव रंजन मीना ने बताया कि पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन-2022 में मतदाता को मतदान करने के लिये उसके पास 22 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज पहचान के तौर पर मतदान केन्द्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर ही अपने अधिकार का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होने बताया कि पहचान के लिए प्रस्तुत 22 दस्तावेजों में से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदाय किया गया मतदाता पहचान पत्र, भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका, पीला राशन कार्ड काम के बदले अनाज योजनान्तर्गत जारी, नीला राशन कार्ड गरीबी रेखा के नीचे हितग्राहियों हेतु जारी, राशन कार्ड, बैंक, किसान, डाकघर की पासबुक, शस्त्र लायसेंस, सम्पत्ति दस्तावेज जैसे- पट्टा, रजिस्ट्ररी, अभिलेख आदि उपयोग कर सकते है।


इसके अलावा विकलांगता का प्रमाण-पत्र, निराश्रित प्रमाण-पत्र, तेदूपत्ता संग्राहक पहचान पत्र, सहकारी समिति का अंश प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पासपोर्ट साइज, ड्रायविंग लायसेंस, आयकर पहचान पत्र पीएएन कार्ड, राज्य, केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्यौगिक घरानों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किये जाने वाले सेवा पहचान पत्र, छात्र पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आदिवासी प्रमाण-पत्र, पेंशन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक, पेंशन अदायगी आदेश, भूतपूर्व सैनिक विधवा, आश्रित प्रमाण-पत्र, रेलवे पहचान पत्र और स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र मतदान के दौरान उपलब्ध होना चाहिये।

उन्होने बताया कि इसके अलावा पीठासीन अधिकारी ऐसा कोई अन्य अभिलेख भी स्वीकार कर सकेगे जिससे वह मतदाता की पहचान के संबंध में संतुष्ट हो सके। यदि कोई मतदाता दस्तावेज प्रस्तुत करने पर असफल रहता है तो पीठासीन अधिकारी स्थानीय कोटवार, पटवारी, शिक्षक, ग्राम पटेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका इत्यादि कर्मियों या किसी प्रतिष्ठित स्थानीय निवासी से उसकी पहचान स्थापित करने के उपरांत उसे मतपत्र प्रदान कर सकेगे।

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