सत्ता पक्ष नेताओं को नहीं दिख रही जन समस्या


सिंगरौली: केंद्र राज्य एवं जिले में जिस तरह से भाजपा का शासन चल रहा है एवं भाजपा के नेताओं की एक लंबी लंबी चौड़ी सूची निकल कर सामने आती है एवं सड़क पर निकलने वाले हर दूसरे से तीसरे वाहन में भाजपा दल का झंडा साफ तौर पर दिख जाता है

जिसमें भाजपा दल के नेताओं के पद को लेकर बड़ा बोर्ड दिखाई पड़ता है तो वहीं दूसरी तरफ जन समस्या की भी यदि बात करें तो जिले का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां भाजपा दल के नेता ना हो तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा दल के नेता तो पर्याप्त हैं परंतु जिले में निहित विभिन्न जनसमस्याओं को उचित पटल पर न तो भाजपा के छुटभैये नेता से लेकर विभिन्न पदों पर आसीन नेताओं को जनता के दुखों एवं समस्याओं से शायद कोई सरोकार नहीं है इसलिए जनता हमेशा परेशान रहती है सिंगरौली जिले में विस्थापन बेरोजगारी भ्रष्टाचार के अलावा बहुत सी समस्याएं है परंतु जनता की इन समस्याओं को लेकर सत्ता पर काबिज दल को इन समस्याओं से कोई सरोकार नहीं शायद नेता जनता की समस्याओं को देखना ही नहीं चाहते।

विस्थापितों की समस्याओं पर सत्तापक्ष ने साधी चुप्पी

सिंगरौली जिला काफी औद्योगिक घरानों से भरा हुआ जिला है यहां पर आने वाली कंपनी भूमि अधिग्रहण कर कंपनी की शुरुआत तो कर देती है परंतु अपनी जमीन को खोने वाले विस्थापित किसानों को लगातार कई समस्याओं को झेलना पड़ता है जिले में विस्थापितों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और उसके साथ ही तेजी से बढ़ रही है विस्थापितों की समस्याएं कंपनियां भले ही कई दशक पहले आकर अपना ठिकाना बना चुकी हैं

एवं संबंधित जगह से विस्थापित होने वाले किसान आज भी कलेक्टर कार्यालय का चक्कर लगाते दिख जाते हैं जो कि इस आस पर लगातार सरकारी महकमे के चक्कर लगा रहे हैं शायद कि उनकी समस्याओं का कोई हल निकल आए ऐसा भी नहीं है कि यह विस्थापित अपनी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के समक्ष नहीं रखते जनप्रतिनिधियों के सामने रखी हुई समस्याओं को जनप्रतिनिधि गंभीरतापूर्वक लेते ही नहीं जिसका नतीजा यह होता है कि विस्थापित लगातार निराश हो रहे हैं

इन विस्थापितों की समस्याओं को लेकर कुछ नए चेहरे भी निकल के सामने आते हैं जो कि विस्थापितों का प्रतिनिधित्व करते दिखाई पड़ते हैं परंतु सत्ता पक्ष में पकड़ ना होने के कारण इनकी भी समस्याओं को कहीं सुना नहीं जाता

तो क्या भाजपा कर रही सिर्फ राजनीति

जनता को मोहरा बनाकर सत्ता पर काबिज भाजपा क्या सिर्फ जन समस्या एवं जनहित मुद्दों को लेकर सिर्फ कर रहे राजनीतिक यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि जनता एवं विपक्षी दल के नेता लगातार भाजपा दल पर निशाना साध कर कह रहे हैं हमेशा से विकास का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र सहित राज्य में वर्षों से है परंतु कई वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक जिले की समस्याओं एवं जनहित आर्थिक कार्य जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहे जिससे तो यही प्रतीत होता है कि भाजपा सिर्फ मुद्दों को लेकर राजनीति करती दिख रही है बात में दम है यदि विकास होता तो शायद आज जनता को सिंगरौली एक अलग ही रूप में नजर आता कंपनियों के द्वारा किया जा रहा है

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता हो रही है। जोजिला सरकारी खजाने को भरने में अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है जिसने कई प्रदेश के महानगरों को भी पीछे छोड़ रखा है आज वही जिला विकसित नहीं हो पा रहा है जिले की इससे अधिक विडंबना क्या होगी कि यह जिला अपने ही संभाग से कटा हुआ है संभाग को जोड़ने वाली सड़क आज तक नहीं बन पाई है जबकि सत्ता पक्ष की सांसद संसद में उसी सड़क को सिक्स लेन बनाने की मांग करती हैं

जहां सड़क ही नहीं वहां सिक्स लाइन का क्या होगा सर्वप्रथम संबंधित मामले में जनता को फोर लाइन या सिक्स लाइन से कोई लेना देना नहीं है परंतु जनता सिर्फ एक सड़क से आ रही है जिस पर आसानी से आवागमन किया जा सके वह भी सत्ता पक्ष के नेताओं के हाथ में नहीं दिख रहा सत्ता पक्ष के नेता तो सिर्फ हर साल सड़क के नाम पर उद्घाटन करते एवं फोटो सेशन करा कर ही जनता को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं

सैकड़ों लोगों की जान गांव आने पर भी चुप रहा सत्ता पक्ष

सिंगरौली जिले में जब से कोयला परिवहन सड़क मार्गों से किया जाने लगा है तब से लगातार सड़क हादसों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह भी पुलिस विभाग में दर्ज संख्याओं पर आधारित है विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हर साल सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है

और यह संख्या सैकड़ों में नहीं है बल्कि हर साल 300 से ज्यादा मौतें सड़क हादसों के कारण हो रही हैं आए दिन होने वाले सड़क हादसों को लेकर भी सत्ता पक्ष के नेताओं एवं सत्ता पक्ष दल के नेताओं ने जहमत नहीं उठाई कि इस समस्या को लेकर आवाज बुलंद कर सके और क्षेत्र की जनता के लिए एक सुगम एवं सुरक्षित मार्ग का विकास करवा सकें हां यह जरूर है कि कोयला परिवहन में किसी प्रकार का व्यवधान ना हो इस पर सत्ता पक्ष एवं प्रशासन का ध्यान जरूर रहता है

पार्टी नेताओं के लिए पार्टी ही सब कुछ

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से कई बार बात करने पर जनता के हित की बात तो बड़ी-बड़ी सभाओं में एवं स्टेज के माध्यम से कहते नजर तो आ जाते हैं पर बात जब जमीन की हो तो जमीनी हकीकत पर परिस्थितियां ठीक इसके विपरीत ही देखने को मिलती हैं कोई भी नेता जनता की समस्याओं को लेकर नहीं चल रहा बल्कि जनता की समस्याओं से ज्यादा वह पार्टी के विचारों एवं कार्यो को लेकर चल रहा है

चाहे सांसद हो या विधायक सर्वप्रथम पार्टी को प्रमुखता देते हैं इसका ताजातरीन उदाहरण नगरीय निकाय चुनावों में देखने को मिला जहां सत्ता पक्ष में काबिज भारतीय जनता पार्टी की सीधी सिंगरौली सांसद रीती पाठक का एक वीडियो वायरल हुआ जिस पर एक युवक के द्वारा सांसद महोदय से कहता दिखाई पड़ रहा है कि बेरोजगारी एवं विस्थापन के साथ सड़क नाली की व्यवस्थाओं को लेकर युवक ने शिकायत की युवक की लगातार शिकायत करने से तंग आकर भाजपा सांसद रीति पाठक ने युवक को फटकार लगाते हुए कहा कि चुप रहो उस समय में भी जो कार्य को लेकर युवक के द्वारा कहा जा रहा था

उन कार्यों को प्रमुखता ना देते हुए भाजपा सांसद ने भाजपा के पक्ष में वोट कराने की बात कही अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को जनता के समस्याओं एवं दुखों से आखिरकार सरोकार कितना है

भाकपा नेता ने जमकर साधा निशाना

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता कामरेड संजय नामदेव ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली को लेकर जमकर निशाना साधा है उनके द्वारा दिए गए बयान में कहा गया है कि भाजपा सांसद ने बरगवां के डगा गाँव को गोद लिया उसके बाद पूंजी पतियों से मिलकर बरगवां में कोलयार्ड बनवा दिया वही सिंगरौली जिले का डीएमएफ फंड को सिंगरौली में ना खर्च कर अन्यत्र जगह खर्च किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर पिछले कई सालों से सांसद सिर्फ राजनीति ही तो कर रही कभी नितिन गडकरी तो कभी एमपीआरडीसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर सिर्फ फोटो सेशन कराने का काम सांसद ने किया है बेरोजगारी विस्थापन एवं प्रदूषण जैसे मुद्दों पर सांसद आज तक चुप हैं

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