एनटीपीसी अधिकारियों संग अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन की माथापच्ची।




Singrauli-एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्लांट के तीसरे चरण के विस्तार हेतु आवश्यक भूमि को खाली कराने के लिए एसडीएम दुद्धी शैलेंद्र मिश्रा, तहसीलदार, पिपरी क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह चंदेल ने एनटीपीसी अधिकारियों संग गुरुवार दोपहर सिद्धार्थ भवन गेस्ट हाउस में माथापच्ची किया गया। पूरी बैठक को मीडिया की नजरों से बचाकर जनप्रतिनिधियों संग गुपचुप तरीके से खिचड़ी पकाई गई।

चिल्काडांड ग्राम प्रधान हीरालाल, कोटा ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी, भाजपा शक्ति नगर मंडल अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव, आशीष चौबे, मुकेश सिंह आदि क्षेत्रीय नेताओं संग प्रशासन की उपस्थिति में एनटीपीसी अधिकारियों ने वार्ता कर प्लांट विस्तार व निर्माण में बीच का रास्ता निकालने का अपील किया। फोन पर एसडीएम दुद्धी ने 160 लोगों के बेदखली के संबंध में बैठक की जानकारी दिया और कहा कि ज्यादा जानकारी एनटीपीसी के अधिकारी देंगे।

मीडिया को बैठक से दूर रखना पैदा कर रहा संदेह –

गुरुवार दोपहर एनटीपीसी सिद्धार्थ भवन गेस्ट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और एनटीपीसी प्रबंधन के अधिकारियों के बीच बैठक को अति गोपनीय रखने का प्रयास किया गया। मीडिया को पूरी बैठक की जानकारी से दूर रख कर 160 लोगों की बेदखली के लिए एनटीपीसी प्रबंधन अलग खिचड़ी पकाते नजर आया।

एनटीपीसी तीसरे चरण का होगा विस्तार –

एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्लांट के तीसरे चरण का विस्तार हर हालत में करना है। जिसके लिए एनटीपीसी शक्तिनगर अपनी जमीन पर अवैध काबिज लोगों पर बेदखली की कार्रवाई कर जमीन खाली कराने का प्रयास तेज कर दी है। जिस क्रम में भवानी नगर और शिवाजी नगर के 160 लोगों की सूची तैयार की गई है। इसके साथ ही ज्वालामुखी कॉलोनी, प्रेम नगर, कोटा बस्ती आदि जगहों पर भी बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।

दशकों से बसे मजदूर हो जाएंगे बेघर –

एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्लांट का निर्माण 1978 में हुआ था। तब से गैर जनपद व प्रदेश से बड़ी मात्रा में मजदूरों ने एनटीपीसी में कार्य करते हुए प्लांट के आसपास खाली जमीनों पर अपना आशियाना तैयार कर लिया। कई दशकों से बसे मजदूर एनटीपीसी पावर प्लांट तीसरे चरण के विस्तार के कारण बेघर होने के कगार पर हैं। कई हजार मजदूरों की आजीविका का साधन एनटीपीसी पावर प्लांट में कार्य करके चलता है। लेकिन अगर बीच बरसात में अतिक्रमण खाली कर इन्हें बेघर किया जाता है तो खुले आसमान में मजदूर कैसे गुजारा कर पाएंगे ?

बेदखली की डर से ग्रामीणों की बढी धुकधुकी –

लगभग 30 वर्षों से एनटीपीसी पावर प्लांट के आसपास खाली पड़ी जमीनों पर अपना आशियाना बना कर गुजर बसर कर रहे ग्रामीणों के बीच बेदखली की डर चेहरे पर साफ दिखाई दे रही है। सिर से छत और हाथ से काम छीनने के डर में लोग बेबस भरी जिंदगी बिता रहे हैं। भवानी नगर और शिवाजी नगर बस्तियों में गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। बूढ़ा, जवान, महिला, बच्चे हर किसी के चेहरे पर बेघर होने की दर्द झलकती हुई दिखाई दे रही है।

एनटीपीसी एजीएम एचआर बिजोय सिकदर ने बताया –

एनटीपीसी शक्तिनगर एजीएम एचआर बिजोय सिकदर ने फोन पर बताया कि एनटीपीसी शक्तिनगर पावर प्लांट के तीसरे चरण का विस्तार होना है। 800 मेगा वाट की दो यूनिट का निर्माण होना है। जिसके लिए एनटीपीसी की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जाधारी लोगों से अतिक्रमण खाली कराकर भूमि उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में गुरुवार को सिद्धार्थ भवन गेस्ट हाउस में सोनभद्र प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आहूत की गई थी।

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