सिंगरौली : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में बड़ा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसमे की एक अधिकारी के द्वारा बाकायदा फरमान जारी कर जिले के मुखिया को संयुक्त जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है ।संबंधित प्रकरण में यदि एक बार यह आदेश होता तो शायद इसे एक कार्यालय भूल कहा जा सकता है परंतु अब इसे भूल भी नही कहा जा सकता क्यों कि इस मामले में कार्यालय के द्वारा एक नही 2 बार पत्र जारी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही गई है ।

क्या है मामला

संबंधित मामले की अगर बात की जाए तो यह पूरा मामला कार्यालय तहसीलदार तहसील सिंगरौली के नायब तहसीलदार का फरमान जारी हुआ है एवं संबंधित मामले में जारी किया गया संबंधित आदेश में एक प्रकरण के संबंध में जिला कलेक्टर सिंगरौली के द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही गई है अभी हाल ही में जारी आदेश विगत 21 और 22 अगस्त का है जिसमें की दोनों दिनांक में जारी किए गए आदेश की प्रति बकायदा सोशल मीडिया में वायरल हो रही है एवं संबंधित प्रकरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि आखिर कोई कैसे जिले के मुखिया को आदेशित कर सकता है जबकि जारी करता स्वयं कलेक्टर के अधीन है ।

रेत भंडारण के मामले में जारी हुआ आदेश

नायब तहसीलदार के द्वारा कलेक्टर के नाम जारी फरमान में कहा गया है कि रेत निकासी भंडारण की स्थिति को लेकर नदी नालों जलाशयों से दूरी को लेकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराने की बात निकल कर सामने आ रही है एवं संबंधित हल्का पटवारी के साथ संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश संबंधित पत्र के माध्यम से दिया गया है आपको बताते चलें कि इस आदेश के एवज में जांच प्रतिवेदन दिनांक 26 अगस्त को प्रस्तुत किया जाना है ।

बाहर हाल पत्र के वायरल होने के बाद नायब तहसीलदार की किरकिरी होती नजर आ रही है तो वही जिला कलेक्टर संबंधित मामले में क्या कार्यवाही करते हैं या हल्का पटवारी के साथ संयुक्त जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं कि नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा

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