Singrauli सिंगरौली: ऊर्जाधानी सिंगरौली में कार्यरत लगभग 300 मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ खड़ा हुआ है 12 मेगावाट की क्षमता वाला प्लांट्स की आधारशिला एसआर कंपनी के द्वारा रखी गई थी जो कि सिंगरौली जिले के बधौरा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत स्थापित है आज सुबह काम पर पहुंचे मजदूरों ने गेट के सामने इकट्ठा होकर कंपनी प्रबंधन से नाराज होकर कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठ गए

मिली जानकारी के अनुसार मजदूरों के द्वारा अपनी ग्रेजुएटी एवं बोनस की मांग की जा रही थी संबंधित जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई इसके साथ ही आपको बताते चलें कि अडाणी पावर को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से एस्सार पावर की मध्य प्रदेश के महान में 1,200 मेगावॉट की ताप बिजली परियोजना के अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है।एनसीएलटी की दिल्ली की प्रधान पीठ ने पिछले वर्ष जारी आदेश में अडाणी पावर लि. द्वारा एस्सार पावर एम पी लि. (ईपीएमपीएल) के अधिग्रहण के लिए सौंपी गई समाधान योजना को मंजूरी दे दी थी।

एस्सार और अडाणी के बीच फंसे मजदूर

लगभग 300 से ज्यादा मजदूरों के सामने अचानक आ खड़े हुए रोजी-रोटी के संकट के बीच जो बातें निकल कर सामने आ रहे हैं उस पर स्पष्ट होता है कि जहां पिछले वर्ष से ही अडाणी ग्रुप के द्वारा कंपनी का अधिग्रहण किया जा रहा था

एवं एस्सार ग्रुप को चलाने के लिए सहयोग करने वाले ठेकेदार आईपीएस एसोसिएट प्रिंस एवं वीटूपी बड़े ठेकेदारों के अधीनस्थ 300 से ज्यादा मजदूर कार्यरत हैं जो कि एक तो बस नहीं बल्कि एक दशक से इन कंपनियों के साथ कार्य कर कंपनी के उत्पादन से लेकर अपनी खुद की रोजी-रोटी चला रहे थे अब अचानक से इन बड़े ठेकेदारों को काम बंद करना पड़ रहा है

जिस कारण से या मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं और इसके साथ ही इन कंपनी के द्वारा मजदूरों के हक के काटे गए बोनस ग्रेजुएटी लिव आदि पैसों की मांग मजदूरों के द्वारा की जा रही है संबंधित मामले में सूत्र बताते हैं कि अडाणी ग्रुप में अपने हाथ खड़ा करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह इस प्रकरण के बारे में नहीं जानते हैं

बोनस लीव और पेमेंट की मांग को लेकर बैठे मजदूर

लगभग 300 से ज्यादा मजदूर जो सड़क पर आ चुके हैं उनके द्वारा की जा रही मांग जायज ही है दर्शन जिन संविदा कारों के अधीनस्थ यह मजदूर लगभग 10 वर्षों से कार्यरत है जिसमें कि स्थानीय मजदूर सहित विस्थापित एवं अन्य कई जगहों से आए मजदूर शामिल हैं अब इन मजदूरों के हक के लिए कोई भी व्यक्ति आगे आने के लिए तैयार नहीं है हां यह जरूर है

कि मजदूरों के द्वारा दिए जा रहे धरने के कारण भारी संख्या में पुलिस बल सहित जिले के जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर जरूर पहुंचे परंतु किसी ने भी इस बात पर जहमत नहीं उठाई कि मजदूरों को उनका हक दिलाया जा सके

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