सिंगरौली: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जिस तरह से राजनीतिक दल में वोट पड़ी एवं सरकार गिर गई दरअसल यही क्रम सिंगरौली जिले में भी शुरू हो चुका है सिंगरौली जिले की राजनीति में भूचाल लाने वाली तेजी से उभरती हुई

आम आदमी पार्टी इन दिनों बेहद चर्चाओं में शुमार हो चुकी है आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिंगरौली दौरे के बाद जैसे कि सिंगरौली जिले के आम आदमी पार्टी इकाई को एक संजीवनी मिल गई एवं पार्टी में सदस्यता से लेकर चुनाव जीतने तक का सफर पूरा किया ।

दरअसल बीते दिनों हुए नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनावों में जिस तरह की तस्वीरें निकल कर सामने आई है एवं जनता की उम्मीदों पर जिस तरह से आपने पानी फेर दिया है अब उसे लेकर चौक चौराहों में हर तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है तो वहीं दूसरी तरफ यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की सिंगरौली जिले की महापौर रानी अग्रवाल बहुत जल्द भाजपा की सदस्यता ले सकती हैं

ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है कि नगरी सरकार में आप की एंट्री के बाद से आप पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है उन्हें लूप लाइन में रख दिया गया है ।जिन्होंने पार्टी के स्थापना से लेकर आज तक पार्टी के संगठन विस्तार एवं मुद्दे को लेकर आगे का मार्ग प्रशस्त किया था। वह कार्यकर्ता आज संगठन में तो है लेकिन “आप” पार्टी के विस्तार के के लिए संघर्षशील नेताओं एवं कार्यकर्ताओं एक्टिव मेंबर्स को किनारे कर दिया गया ।

बनारस,दिल्ली,पंजाब, गोवा,भोपाल , जबलपुर,रीवा तक की सफर करने वाले आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को आज सिंगरौली में पार्टी की जनाधार जैसे-जैसे बढ़ा है वैसे उन लोगों को सिंगरौली के आप की इकाई से किनारा कर दिया गया और किनारा किया जा रहा हैं ।जिस समय सिंगरौली इकाई में पार्टी की स्थापना हुई थी।

उस समय झण्डे के सामने कोई ख़ड़े होने के लिए तैयार नहीं होता था ये वही क्रांतिकारी लोग थे ,जो कभी भी निराश नहीं हुए सब कुछ अपना घर ,परिवार, नौकरी,व्यवसाय छोड़कर कर पार्टी के अच्छे विचार एवं दिल्ली मॉडल को देखते हुए अपनी लड़ाई जारी रखा,उन्हें सीधे पार्टी से लूप लाइन या ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया

जिले में पार्टी की नींव रखने वाले आप नेताओं की उपेक्षा या मर्जी ?Neglect or will of AAP leaders who laid the foundation of the party in the district?

सिंगरौली के मुख्य एवं क्रांतिकारी विचारधारा ईमानदार प्रवृति के लोगों ने शुरुआत में आम आदमी पार्टी से जुड़ कर राजनैतिक परिभाषा को बदलने का उद्देश्य लेकर जिस तरह से पार्टी के साथ जुड़कर कार्य प्रारंभ किया एवं सिंगरौली जिले में पार्टी की स्थापना हुई कई ऐसे बड़े नाम हैं

जिन्होंने शुरुआती दौर पर इकाई के गठन के बाद लगातार इसके विस्तार को लेकर दिन रात एक किए परंतु बाद में ऐसा क्या हुआ कि न्यू रखने वाले वरिष्ठ एवं कई समाजसेवियों ने आप की सिंगरौली इकाई से ही किनारा कर लिया। मध्य प्रदेश में बेरोजगारी का मुद्दा हो,चाहे बिजली दर की वृद्धि का मुद्दा हो,चाहे भ्रष्टाचार का मुद्दा हो,चाहे सिंगरौली में बेरोजगारी का मुद्दा हो, प्रदूषण का मुद्दा हो,सारे लड़ाई सिंगरौली से शुरू कर लड़ा।

तो वही एक दिन ऐसा था जब सिंगरौली में लोग झाड़ू और टोपी के नाम से मजाक उड़ाते थे, पार्टी कार्यकर्ताओं नेताओं का उपहास करते थे , लोग ताना मारते थे।

इन पूर्व नेता एवं कार्यकर्ताओं ने रखी SINGRAULI सिंगरौली में आप की नींव

आप की स्थापना के बाद से सिंगरौली जिले में आप की इकाई पूर्व में जब निर्मित की गई उस समय के आपके कार्यकर्ताओं में से प्रमुख संस्थापक सदस्यों में अमित तिवारी संस्थापक सदस्य एवं पूर्व जिला संयोजक, संस्थापक सदस्य अनिल द्विवेदी पूर्व मीडिया प्रभारी एवं पूर्व जिला संयोजक, संस्थापक सदस्य अधिवक्ता एस.के.सिंह पूर्व जिला संयोजक,सुलेख शाह पूर्व विधानसभा प्रभारी सिंगरौली,

संस्थापक सदस्य मनोज कुमार झा कार्यकारिणी सदस्य,संस्थापक सदस्य कौशल प्रसाद शाह पूर्व जिला सचिव,संस्थापक सदस्य बी.पी.पटेल पूर्व आईटी सेल एवं मीडिया प्रभारी सिंगरौली, संस्थापक सदस्य इंजीनियर दीपक चन्द मौर्य यूथ विंग लोकसभा प्रभारी सीधी-सिंगरौली, संस्थापक सदस्य मोहन सिंह जिला कार्यकारिणी सदस्य,बृज किशोर चतुर्वेदी कार्यकारिणी सदस्य,आई.ए. खान कार्यकारिणी सदस्य,गीता प्रसाद शर्मा कार्यकारिणी सदस्य,लाखन सिंह कुशराम

संस्थापक सदस्य एवं कार्यकर्ता कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व लोकसभा सोशल मीडिया प्रभारी व लोकसभा सह प्रभारी एवं मीडिया प्रभारी सिंगरौली,बसन्त कुमार पटेल पूर्व विधानसभा प्रभारी देवसर,शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय कार्यकारिणी सदस्य,सतेंद्र पासवान कार्यकारिणी सदस्य,मार्कण्डेय मणि त्रिपाठी पूर्व लीगल सेल,राम प्रसाद वैश्य पूर्व विधानसभा सह प्रभारी देवसर,मंजू सिंह कुशवाहा पूर्व महिला जिला संयोजक,श्री त्रिपुरारी नाथ पाण्डेय पूर्व लीगल सेल, श्री अरूण कुमार शाह सोशल मीडिया एवं आईटी सेल,शिव सागर शाह कार्यकारिणी सदस्य, शिव नारायण शाह कार्यकारिणी सदस्य,अनुपम द्विवेदी पूर्व मीडिया प्रभारी एवं सोशल मीडिया प्रभारी,शिव कुमार नामदेव कार्यकारिणी सदस्य, राहत अली कार्यकारिणी सदस्य, जी के पाठक कार्यकारिणी सदस्य, कृष्ण कुमार द्विवेदी कार्यकारिणी सदस्य,श्री अर्जुन गुप्ता कार्यकारणी सदस्य, श्यामाचरण दुबे संस्थापक सदस्य एवं कार्यकारिणी सदस्य,आर.के. सिंह कार्यकारिणी सदस्य, अशोक मिश्रा कार्यकारिणी सदस्य, विवेकानंद गोस्वामी पूर्व आईटी सेल एवं सोशल मीडिया प्रभारी, अवधेश सिंह पूर्व विधानसभा प्रभारी चितरंगी,सुभाष वर्मा कार्यकारिणी सदस्य, राजेश्वर शाह कार्यकारिणी सदस्य,लालेराम प्रजापति संस्थापक सदस्य कार्यकर्ता और जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व किसान प्रकोष्ठ सह प्रभारी देवसर विधानसभा,ओम प्रकाश शाह पूर्व यूथ विंग जिला संयोजक सिंगरौली, दिलीप शाह विधानसभा यूथ विंग,सतानन्द पनिका पूर्व यूथ विंग जिला सचिव सिंगरौली,अरविन्द कुमार शाह पूर्व छात्र युवा संगठन अध्यक्ष जिला कार्यकारिणी सदस्य,अनूप कुमार उपाध्याय पूर्व मीडिया प्रभारी एवं जिला कार्यकारिणी सदस्य,आदि के अलावा सैकड़ों पदाधिकारी आज पार्टी से बाहर की रास्ता नपा दिए गए हैं।

आम आदमी पार्टी के सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार जब से सिंगरौली में रानी अग्रवाल पार्टी में आई है तब से आंदोलनकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति खराब रवैया अपनाना ,भेदभाव करना,और सिर्फ पैसे खरीदने जैसी भावना रखना आदि रही हैं ,जो रानी अग्रवाल की गुलामी स्वीकार करता है उसको अपने साथ में रखती हैं जो जनहित,संघर्षित साथियों की बात करता हैं। आम आदमी पार्टी के मूलभूत सिद्धांतों एवं विचारधारा भ्रष्ट्राचार मुक्त सिंगरौली की बात करना , बड़े बड़े पैसे वालो को भ्रष्ट्राचारी कहने पर एवं संगठन की बात करने पर उसे बाहर की रास्ता दिखा दिये जा रहे है ,

क्योंकि सिंगरौली की “आप” की राजनीति में सिर्फ और सिर्फ रानी अग्रवाल की चलेगी । इस बात को लेकर कई बार प्रदेश स्तर पर बात रखी गई है लेकिन प्रदेश में बैठे पदाधिकारी भी किसी बड़े चीज का शिकार हो रहे हैं।जब सिंगरौली में ऐसे निस्वार्थ भाव से पार्टी में काम करने वालों के साथ ये हो रहा है और जिन्होंने ने अपने खून पसीने और ईमानदारी के कमाई से पार्टी खड़ा किये , उनका तो मानो रानी के पैसे के आगे तो मानो सब शून्य हैं ,अब तो पार्टी नगर निकाय में सत्ता में तो आ गई है तो ये हाल हैं जब संघर्षित नेताओं कार्यकर्ताओं के संगठन के इस प्रकार का व्यवहार हैं

तो कितना जनता का भला करेगी। जब भ्रष्टाचार का मुहिम चल रहा था तब इन वरिष्ठ साथियों ने लाठी-डंडे खाकर-बारिश में भीगते हुए आंदोलन किया, सभा किया , ज्ञापन का कार्यक्रम जारी रखा कभी भी इन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा कि आने वाले समय में क्या होगा और रानी अग्रवाल को इन्हीं वरिष्ठ साथियों ने 20 मई 2018 को “आप” ज्वाइन कराया था और आज रानी और उनके सहयोगियों के आ जाने से पार्टी मूलभूत सिद्धांतों से अलग होकर अपनी ही चलाने में जुट गई हैं आप पार्टी के सूत्र बताते हैं कि अब तो ऐसा लगने लगा है जैसे कि सिंगरौली में पार्टी का निर्माण इन्हीं लोगों ने किया है।

आप के पूर्व नेता ने रानी की मंशा पर खड़े किए सवाल Former AAP leader raised questions on Rani’s intention

वर्तमान समय में आम आदमी पार्टी का  SINGRAULI सिंगरौली में अस्तित्व बनने के बाद से एक तरफ जहां स्वार्थ सिद्ध करने को लेकर विभिन्न दलों के नेता आप की सदस्यता लेकर आप की सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के पूर्व ऐसे कार्यकर्ता और नेताओं की भरमार है

जिन्होंने पार्टी की नींव सिंगरौली जिले में रखी थी परंतु आज वह खुद उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं ऐसे में सवाल खड़ा होना भी तो लाजमी है आपके कार्यकर्ता और नेताओं के द्वारा अब रानी अग्रवाल की मंशा पर भी सवालिया निशान खड़ा करना शुरू कर चुके हैं आप के नेताओं ने चर्चाओं के दौरान कहा कि जिस समय पार्टी का स्थापना हुआ था उस समय ऐसे लोग कहां थे उस समय आकर खड़े होते तो पता चलता और अभी कुछ समय बिता हैं आगे पता नहीं क्या होगा ??

अभी ज्यादा समय नहीं बिता हैं , आने वाले समय में सिर्फ और सिर्फ कांग्रेसी और भाजपाई होंगे ।

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