सिंगरौली को मजबूर नही मजबूत प्रतिनिधित्व की जरूरत

आम आदमी पार्टी की कार्यशैली पर खड़े हो रहे सवाल

SINGRAULI सिंगरौली: ऊर्जाधानी सिंगरौली में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का शिकार आम जनमानस हो रहा है एक तरफ जहां प्रदेश नेतृत्व कई वर्षों से प्रदेश में सत्ता की गद्दी पर काबिज है तो वही सिंगरौली जिला वर्तमान सत्ता पर काबिज राजनीतिक दल का गढ़ कहा जाता है परंतु सिंगरौली SINGRAULI जिले की उपेक्षा का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जिला बनने के बाद से अब तक एक दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है

परंतु जिले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लगातार देखने को मिल रहा है फिर चाहे सिंगरौली जिले का नगर निगम हो या फिर विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता साफ तौर पर दिखाई पड़ रही है आज जिले में मूलभूत सुविधाओं की ही यदि हम बात करें तो रोजगार शिक्षा व्यवसाय कनेक्टिविटी प्रदूषण आदि कई गंभीर समस्याओं से जिले वासियों को दो-चार होना पड़ रहा है वह भी तब जब पूरे देश में ट्रिपल इंजन की सरकार बनी हुई है सिंगरौली जिले की राजनीति में एक नया अध्याय आम आदमी पार्टी ने भले ही जोड़ दिया है परंतु वह भी मात्र एक कठपुतली बंद कर रह गई है

जिन उम्मीदों से सिंगरौली SINGRAULI की जनता ने (AAP )आम आदमी पार्टी की महापौर प्रत्याशी को पूर्ण बहुमत देकर नगर सरकार के अहम कुर्सी पर बैठा दिया जनता ने जितनी उम्मीद आम आदमी पार्टी की महापौर से लगा कर रखी थी और उम्मीदों पर साफ तौर पर पानी फिरता दिख रहा है ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि जिले की ही आम जनता कह रही है विरोध के स्वर में सत्ता पर काबिज पक्ष से लेकर विपक्ष की भूमिका निभा रहे कांग्रेस एवं अन्य कई राजनीतिक दलों के द्वारा स्पष्ट तौर पर कहा जा रहा जिससे तो यही प्रतीत हो रहा है कि सिंगरौली की जनता के दुखों को देखने वाला कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं है हर बार जनता सिर्फ छली गई है

नगर क्षेत्र में विकास की है दरकार There is a need for development in the city area

SINGRAULI सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में नगर विकास को लेकर जिम्मेदार नगर निगम के महत्वपूर्ण औंधे पर जहां महापौर आम आदमी पार्टी की रानी अग्रवाल हैं तो वहीं नगर निगम अध्यक्ष पद पर भाजपा के देवेश पांडे ने पदभार ग्रहण किया है

इस बार सिंगरौली की जनता को उम्मीद थी कि सिंगरौली जिले के नगर निगम क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी लोगों को भारी-भरकम बिजली बिल से राहत मिलेगी तो वही नगर निगम क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी लगाम कसा जा सकेगा परंतु जिस तरह का मंजर फिलहाल दिखाई दे रहा है रानी अग्रवाल ने भले ही महापौर की कुर्सी हासिल कर ली है परंतु वह भी भाजपा के हाथों की कठपुतली स्पष्ट तौर पर दिखाई पड़ रहीं हैं दरअसल जिस तरह से सिंगरौली वासियों को AAP आप पार्टी ने विकास का सपना दिखाया था एवं दिल्ली विकास मॉडल को लेकर विकास की बात कही थी ऐसे में सिंगरौली की जनता ने भरोसा किया एवं भारी भरकम बहुमत देकर नगर निगम के प्रथम नागरिक के तौर पर आप को चुन लिया था

भाजपा के रहमों करम पर टिकी कि (AAP )आप

नगर निगम में नगर निगम अध्यक्ष के तौर पर भाजपा बहुमत में है ऐसे में किसी भी महत्वपूर्ण काम पर सदस्यों की सहमति के साथ अध्यक्ष के दस्तखत होने के बाद ही विकास की गाथा लिखी जा सकती है

परंतु इस पूरे कार्य में यदि भाजपा विकास कार्य को करती है तो इस पर महापौर को फायदा मिल सकता है परंतु वहीं दूसरी तरफ भाजपा को आम आदमी पार्टी को सपोर्ट करने का मतलब अपने पृष्ठभूमि को समाप्त करने जैसा बड़ी मुश्किल से हाथ आई इस सत्ता को भाजपा किसी भी हाल में होना नहीं चाहेगी ऐसे में जब तक विधानसभा चुनाव संपन्न नहीं हो जाते हैं तब तक विकास कार्यों की गति पर असर दिखाई पड़ सकता है

तो क्या मजबूरी में किया आप ने भाजपा को सपोर्ट

विगत दिनों हुए नगर निगम अध्यक्ष पद को लेकर जो खींचा था देखने को मिला है जिस पर शासन प्रशासन के द्वारा जिस तरह से नगर निगम के जीते हुए पार्षदों को शपथ दिलवाई गई कहीं ना कहीं इस शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जिस तरह से उंगलियां उठ रही है वह भी संदेह के घेरे में है चुनाव जीतकर आई महापौर रानी अग्रवाल शुरुआत से ही शंकाओं से गिरी हुई थी एवं यह बात निकलकर सामने आती रहेगी

विकास कार्यों की गति के लिए कांग्रेस का समर्थन कर उन्हें नगर निगम अध्यक्ष का साथ चाहिए होगा परंतु जिस तरह से चुनाव की समीकरण निकल कर सामने आए हैं एवं भाजपा के सभी पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह जिले के जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में संपन्न कराया गया एवं अन्य सभी राजनीतिक दलों की शपथ ग्रहण समारोह जिला मुख्यालय स्थित अटल बिहारी सामुदायिक भवन में किया गया है काफी हंगामे के बीच हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में जो तस्वीरें निकल के सामने आई थी

उनमें प्रमुख रहा एक तरफ महापौर रानी अग्रवाल ने सिंगरौली की जनता के बीच में शपथ ग्रहण समारोह की बात को लेकर थोड़ी नाराजगी भी जाहिर की थी परंतु अटल बिहारी सामुदायिक भवन में हंगामे के बीच शपथ ग्रहण के समय जो नजारा सामने दिखा उससे तो यही लगा कहीं ना कहीं महापौर रानी अग्रवाल काफी ज्यादा दबाव में है ऐसे में तो यह चीज स्पष्ट हो रही है कि भले ही नगर निगम की प्रथम नागरिक रानी अग्रवाल ने महापौर पद की शपथ ले ली है परंतु वह भी इस चीज को बखूबी समझती है कि विकास कार्यों को लेकर वह कितना कार्य कर पाएँगी ।

सिंगरौली को मजबूर नहीं मजबूत नेता की है दरकार 

सारे राजनैतिक उठापटक को देखने के बाद एवं सिंगरौली विकास कार्यों के अब तक विकास कार्य इस बात की तरफ इंगित करते हैं कि सिंगरौली जिले को ऐसे प्रतिनिधित्व की जरूरत है जिसमें कि सिंगरौली का विकास हो सके सिंगरौली को लेकर नेताओं के सामने कई तरह की मजबूरियां हमेशा से सामने आती रही हैं अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि सिंगरौली जिले को मजबूर नहीं बल्कि मजबूत प्रतिनिधित्व करता की बेहद आवश्यकता है

सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में भारत सरकार की प्रमुख कंपनियों के दफ्तर सहित इकाइयां स्थापित हैं फिर चाहे वह नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड की कोयला खदान हो या फिर नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन का पावर प्लांट बड़ी कंपनियों के स्थापित होने के साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए इन कंपनियों की भी अपनी एक जिम्मेदारी है सामाजिक दायित्व के तहत इन कंपनियों के द्वारा क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कार्य करना है तो वहीं दूसरी तरफ विकास को लेकर नगर निगम भी स्थापित है फिर भी सिंगरौली जिले में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना रहता है तो ऐसे में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं लगता है कि अब तक किए जा रहे प्रतिनिधित्व में मूलभूत एवं अति आवश्यक प्रतिनिधित्व की कमी स्पष्ट तौर पर झलक रही है

इनका कहना है

SINGRAULI सिंगरौली के समुचित विकास के लिए नेता नहीं नीतियों को बदलने की जरूरत है सिंगरौली की जनता ने नेता बदल कर के देख लिया पार्टी बदल कर के देख लिया लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहे सिंगरौली की जनता को हाथ मलने के अलावा कुछ और मिला नहीं है इसलिए सिंगरौली को एक मजबूत नेता जो सिंगरौली के ज्वलंत मुद्दों पर मूलभूत सुविधाओं पर या जनता की जरूरतों को समझ सके और उसके हिसाब से नीतियां बनाकर SINGRAULI सिंगरौली का समुचित विकास कर सकें वर्तमान राजनीति में भाजपा के खिलाफ गुस्सा हो तो कांग्रेस को वोट दो कांग्रेस के खिलाफ गुस्सा हो तो आम आदमी को वोट दो इससे बाहर निकल के एक साफ-सुथरी पार्टी और एक साथ दूसरे नेता और साफ-सुथरी नीतियों को चुनने का सिंगरौली की जनता को मन बनाना चाहिए जिससे चिकली का विकास हो सके।

 

कॉमरेड संजय नामदेव

प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी

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