सिंगरौली/भू-अर्जन शाखा के कर्मचारी रिश्वत लेते धराया SINGRAULI Lokayukta (लोकायुक्त) ने की कार्रवाई,

सिंगरौली : सिंगरौली जिले में विगत दिवस लोकायुक्त (Lokayukta) टीम की धमक पड़ी और उस समय अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई जब लोकायुक्त की टीम ने भू-अर्जन में पदस्थ कर्मचारी को 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। दरअसल सिंगरौली जिले में आंध्र प्रदेश मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा जमीनों का अधिग्रहण किया गया है

जमीनों के अधिग्रहण में जिन किसानों की जमीन ली गई हैं उनका मुआवजा वितरण किया जाना है मुआवजे के एवज में रिश्वत की की मांग कलेक्ट्रेट में पदस्थ कर्मचारी के द्वारा की थी। जानकारी के अनुसार एपीएमडीसी लिमिटेड ग्राम बेलवार की जमीन का मुआवजा बांटना था। इस मुआवजे को लेकर भू-अर्जन में पदस्थ कर्मचारी रविंद्र_घोष ने जमीन का मुआवजा पाने वाले हिरलाल साहू से 2 लाख की मांग की गई थी।

मुआवजा के एवज में 2 लाख रूपये की रिश्वत देना बहुत ज्यादा हरिलाल साहू को समझ आ रहा था, लिहाजा उसने भू-अर्जन कर्मचारी से 2 लाख की जगह 80 हजार रूपये देना तय हो गया था। लेकिन. Lokayukta   लोकायुक्त टीम के द्वारा तय समय में पहुंची टीम ने 20 हजार रूपये रिश्वत लेते उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।

2 लाख के एवज में देना था 80 हजार रूपये

हरिलाल साहू शिकायतकर्ता ने कहा कि हमारी जमीन एपीएमडीसी कंपनी द्वारा ले ली गई थी। जिसके एवज में उन्हेें कंपनी द्वारा मुआवजा देना तय हुआ था। लेकिन तय समय में आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका। इस संबंध में जब भी भू-अर्जन कर्मचारी से मुंआवजा लेने जाते थे उन्हें मुआवजा देने में लेट लतीफी हमेशा करते थे, जिससे वे परेशान होकर रविन्द्र षोघ को 80 हजार रूपये रिश्वत देना तय हुआ था। लेकिन अपने मुआवजे को लेकर इतना परेशान हरिलाल साहू ने लोकायुक्त को इसकी जानकारी दे दी और आज उसे  Lokayukta लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया।

लोकायुक्त SP के निर्देश पर हुई कार्यवाही Action taken on the instructions of Lokayukta SP

संबंधित मुहावरे में रिश्वत की मांग कर रहे कर्मचारी के खिलाफ पीड़ित के द्वारा लोकायुक्त से संबंधित मामले की शिकायत की गई थी जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की पुष्टि करा कर एक रणनीति के तहत इस मामले पर कार्रवाई की है 20 हजार रुपए रिश्वत लेते जिला कलेक्ट्रेट बैढन कार्यालय के भू-अर्जन शाखा में सहायक ग्रेड-3 रविंद्र_घोष.. रंगे हाथों गिरफ्तार किया, लोकायुक्त की कार्यवाही से पूरे कलेक्टर ऑफिस में हड़कंप मच गया।

Lokayukta लोकायुक्त एसपी गाेपाल सिंह धाकड के निर्देश पर यह पूरी कार्यवाई संपन्न हुई। जहां पर लोकायुक्त की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुये भू-अर्जन शाखा में पदस्थ कर्मचारी रविन्द्र घोष को 20 हजार की रिश्वत लेने रंगे हाथ पकड़ लिया।

सर्किट हाउस में पूरी हुई कार्रवाई

कर्मचारी रविन्द्र घोष को रंगेहाथ रिश्वते लेते पकड़े जाने के बाद उन्हेे कलेक्ट्रेट कार्यालय से माजन मोड़ के सर्किट हाउस ले जाकर लोकायुक्त टीम कार्रवाई की ।

रिश्वत में पकड़े गये आरोपी रविन्द्र घोष से अभी भी पूछताछ जारी है। Lokayukta  लोकायुक्त टीम अभी तक कौन से और कितने लोगों से रिश्वत ली है ये सभी मुद्दो को लेकर अभी तक टीम पूछताछ जारी रखी है। हो सकता है घोष के साथ कोई और भी रिश्वतखोर तो नहीं है। जो मुआवजे की राशि को लेकर लोगों को चूसा जा रहा है।

कलेक्टर कार्यालय में हुई कार्रवाई के बाद चर्चाओं का बाजार गरम

20000 की रिश्वत लेते कर्मचारी का लोकायुक्त टीम के द्वारा प्राप्त किए जाने का मामला अब चर्चाओं में आ गया है गलीचा चौराहों में हर तरफ अब इसकी चर्चा है लोगों का साफ कहना है कि जब कलेक्टर कार्यालय का यह हाल है तो अन्य कार्यालयों में किस कदर से भ्रष्टाचार हावी है वह जिला प्रशासन को कभी नहीं दिखता लगातार रिश्वत एवं भ्रष्टाचार का दंश से सिंगरौली की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है जिस पर जिले के जिम्मेदार अधिकारी कभी ध्यान नहीं देते हैं आम लोगों को हमेशा से ही रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार जैसी कुप्रथा से दो-चार होना पड़ता है

परंतु जिम्मेदारियों का हवाला देने वाले यह अधिकारी कभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं जिस कारण से यहां पदस्थ कर्मियों में कोई इन कुरीतियों से तौबा करता नहीं दिखता दरअसल जिले में लंबे अरसे से विभिन्न विभागों में कई अधिकारी एवं कर्मचारी पदस्थ हैं जो एक ही स्थान पर रहकर कई सालों से भ्रष्टाचार का काला खेल खेल रहे हैं ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी का कोई भय नहीं रहता अब आम जनता जाए तो किसके पास जाए

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