सिंगरौली: पूर्व नगर निगम अध्यक्ष ने उठाई जांच की मांग

नल जल योजना में हुए भ्रष्टाचार को लेकर खोला मोर्चा

सिंगरौली: जिले में नगर निगम क्षेत्र में चल रहे नल जल योजना के तहत निर्माण कार्यों में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए नगर निगम अध्यक्ष चंद्र प्रताप विश्वकर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि निर्माण कार्यों में भारी धांधली की गई है

जिसको लेकर चंद्र प्रताप विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री नगरी प्रशासन मंत्री से लेकर आयुक्त महापौर को पत्र लिखा है। भाजपा नेता व पूर्व नगर निगम अध्यक्ष चंद्र प्रताप विश्वकर्मा के इस मांग को लेकर लिखे गए पत्र के कारण हड़कंप मचा हुआ है। पत्र लिख पूर्व अध्यक्ष ने नल जल योजना में होने वाले 7 करोड़ के भुगतान पर रोक लगाए जाने की मांग की है

पूर्व अध्यक्ष के बयान पर भड़की महापौर

नल जल योजना के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग करते हुए पूर्व नगर निगम अध्यक्ष चंद्र प्रताप विश्वकर्मा ने पत्र जारी किया है जिस पर वर्तमान महापौर रानी अग्रवाल ने कहां की यह योजना उनके जमाने का ही है फिर भी मैं फाइलों को देखूंगी यदि धांधली होगी तो कार्रवाई भी की जाएगी।

आपको बता दें कि घर घर नल जल योजना का शहर में निर्माण कार्य कई सालों से चल रहा है कुछ जगहों पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए लोगों को पानी भी सप्लाई हो रही है

केंद्रीय राज्य व स्थानीय निगम की जॉइंट नल जल योजना का काम में सर चंद्रा निर्माण एजेंसी को मिला है लेकिन यह योजना अफसरों और ठेकेदारों के लिए काफी लाभदायक साबित हुई है वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व नगर निगम अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और नगरी प्रशासन मंत्री, महापौर, आयुक्त को पत्र लिखकर बड़ा आरोप लगाया है पिछली परिषद में बड़े घोटाले की वजह से निर्माण एजेंसी का भुगतान जांच होने तक रोक दिया था और तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एके सिंह को ऑफिस अटैच भी कर दिया गया था

जिसके बाद कोरोना काल में मामला पेंडिंग पड़ गया और बगैर जांच के ही बड़े घोटाले पर पर्दा डालने और निर्माण एजेंसी को भुगतान कराने अधिकारी जी जान से जुटे हैं लेकिन भाजपा नेता के इस पत्र ने अधिकारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया उधर पूर्व नगर निगम अध्यक्ष के बयान पर भड़कते हुए महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि यह मामला भाजपा नेताओं के जमाने का है फिर भी मैं देखूंगी क्या है हकीकत।

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