SINGRAULI:जिले के कर्ताधर्ता बने सांसद विधायक, जनता के दुखों से नहीं है कोई सरोकार

SINGRAULI : सिंगरौली जिले को ऊर्जा धानी की संज्ञा प्रदान की गई है ऐसा इसलिए है कि मध्य प्रदेश में स्थित सिंगरौली जिला देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता आ रहा है एक तरफ जहां कोयला उत्पादन को लेकर कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड की कई परियोजनाएं सिंगरौली जिले में स्थापित हैं जिनसे की लगातार कोयले का खनन किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार की नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन कि कई इकाइयां भी जिले में स्थापित हैं

जिससे कि प्रदेश सहित अन्य कई प्रदेशों को भी बिजली सुविधा मुहैया कराई जाती है आज देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाले इस सिंगरौली जिले में मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट तौर पर नजर आता है जबकि मध्य प्रदेश सरकार के खजाने में अपनी अहम भूमिका देने वाले सिंगरौली की उपेक्षा लगातार की जा रही है ऐसे में जनप्रतिनिधि जनहित की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रख रहे हैं

जिले की आज तक पूरा नहीं किया जा सका है कनेक्टिविटी से लेकर रोजगार एवं प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या जिले में चहु ओर दिखाई पड़ती है परंतु इन सारी समस्याओं से किसी भी SINGRAULI जनप्रतिनिधि का सरोकार नहीं दिखता है संबंधित समस्याओं को लेकर आज तक उचित पटल पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के द्वारा कोई बात नहीं रखी गई है और शायद उसी का परिणाम है कि जनता आज तक जैसे तैसे समय व्यतीत कर रही है

जनहित की समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी

SINGRAULI जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों के मद्देनजर यह स्पष्ट होता है कि आज भी सिंगरौली जिले के बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जहां सड़क बिजली पानी रोजगार एवं प्रदूषण जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं

परंतु संबंधित मामले पर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने किसी भी तरह का कोई भी उचित प्रयास नहीं किया सिंगरौली जिले के ज्वलंत मुद्दों में से राष्ट्रीय राजमार्ग 39 एवं प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से जिले के जिले वासी काफी त्रस्त दिखाई पड़ते हैं

आज भी SINGRAULI जिला अपने संभाग से कटा हुआ है विडंबना तो यह है कि दशकों से निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग 39 का निर्माण कार्य भले ही पूरा नहीं हो पाया परंतु आवागमन जरूर प्रतिबंधित हो गया है

वहीं दर्जनों कंपनियों के होने एवं कंपनियों के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के द्वारा निर्धारित मापदंड का पालन न करना क्षेत्र में प्रदूषण की भयावह स्थिति का कारण बनता जा रहा है अब यह प्रदूषण की समस्या काफी विकराल रूप ले चुकी है औद्योगिक इकाइयां लगातार अपने कमाई को बढ़ाते जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ जिले में बढ़ते इस प्रदूषण की समस्या पर भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी सहित जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी पूरे मामले पर खामोश बैठे हुए हैं

SINGRAULI:ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सक्रिय रहते हैं जनप्रतिनिधि

Public representatives remain active regarding transfer posting

विभागीय सूत्र सहित राजनीतिक सूत्र भी बताते हैं कि जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की सक्रियता सरकारी कार्यालयों से लेकर पुलिस महकमे में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि काफी सक्रिय दिखाई पड़ते हैं

यह आरोप हम नहीं लगा रहे हैं बल्कि कई सूत्र इस मामले पर कई बातें बताने से भी नहीं चूकते यदि हम सूत्रों की ही माने तो सरकारी कार्यालयों सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले सरकारी अमले के कर्मियों जैसे रोजगार सहायक सचिव पटवारी पुलिस आरक्षक से लेकर प्रभारी तक के पदों पर मनचाहे जगह पर जाने के लिए स्थानीय विधायको एवं सांसद की अनुशंसा बेहद जरूरी है और यह अनुशंसा उन्हें प्राप्त होती है जो कि चढ़ावा चढ़ाते हैं और शायद उसी का परिणाम है

कि सिंगरौली जिले में लंबे अरसे से शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है और वर्षों से जमे अधिकारी कर्मचारी के द्वारा भ्रष्टाचार का काला खेल किया जाता है जिले में विगत कुछ माह पूर्व हुई कार्रवाई में यह भी स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचारियों की जड़ कितनी गहरी हो चुकी है लोकायुक्त से लेकर आयकर विभाग सहित सीबीआई का छापा इस बात की तरफ भी इंगित करता है की भ्रष्टाचार के मामलों में आखिरकार जनप्रतिनिधि सक्रिय क्यों नहीं दिखाई पड़ते हैं

जनता की नहीं शासकीय कर्मियों की करते हैं जनसेवा

बरसों से पदस्थ जिले के सरकारी कार्यालयों सहित फील्ड में पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की कार्यशैली को देखकर तो यह भी प्रतीत होता है

कि जनता की नहीं सिर्फ और सिर्फ शासकीय कर्मियों की जन सेवा में मशगूल रहते हैं जनप्रतिनिधि और शायद उसी का परिणाम है यह है कि जनता सिर्फ आवेदन लेकर कार्यालयों के वर्षों से चक्कर लगाती रहती है और यह जनप्रतिनिधि जनता को सिर्फ निर्वाचन के समय ही उनके दरवाजे पर मिलते हैं

जनता का भरोसा खोतें जनप्रतिनिधि

जनता को जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पसंद नहीं आ रही है और शायद उसी का परिणाम भी यह रहा कि सिंगरौली जिले में निकाय चुनाव पर आम आदमी पार्टी की एंट्री हो गई आम आदमी पार्टी की धमाकेदार एंट्री इस बात की तरफ इशारा करती है

कि अन्य दलों से जुड़े हुए जनप्रतिनिधि एवं नेता जनता के मुद्दों से सरोकार नहीं रख रहे हैं ऐसे में जनता का भरोसा या जनप्रतिनिधि खोतें जा रहे हैं आगामी होने वाले विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव पर भी जनता की नाराजगी का असर साफ तौर पर दिखाई पड़ सकता है अगर समय रहते जनप्रतिनिधि चेत जाते हैं तो शायद परिणाम बदल सकता है परंतु यह तभी संभव है जब जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं पर कार्य करते हुए जनता की उम्मीदों पर खरे उतरे/

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