सिंगरौली:खदान में कार्यरत मशीनों के कीमती पार्ट हुए चोरी एनसीएल प्रबंधन को नहीं है कोई खबर Singrauli: The valuable parts of the machines working in the mine were stolen, there is no news to the NCL management

सिंगरौली: कोयला उत्खनन के लिए जानी जाने वाली नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड कंपनी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ कोयला उत्पादन के लिए करोड़ों अरबों रुपए की बेशकीमती मशीन है

दिन-रात कोयला उत्पादन के लिए लगातार कार्य कर रही है जिन मशीनों के द्वारा कोयला उत्पादन के लिए प्रयोग में लाया जा रहा वह बेशकीमती मशीनें है एवं मशीनों की कीमत कई करोड़ रुपए बताई जा रही है ऐसे में इन मशीनों के पार्ट्स भी काफी महंगे दामों पर बिकते हैं एवं कुछ लोग जरा से पैसे की लालच में इन मशीनों के कीमती पार्ट्स को चुराकर बाजार में बेच दिया करते हैं जिससे कि मशीनों का कार्य प्रभावित हो जाता है

एवं मशीनें ब्रेकडाउन ही पड़ी रहती है तो वही एनसीएल प्रबंधन को करोड़ों रुपए का नुकसान हो जाता है सवाल तो यह भी उठता है कि आखिर का सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद भी आखिरकार इस तरह की चोरियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है।

जानें पूरा मामला

केन्द्रीय कर्मशाला जयंत में एनसीएल के विभिन्न परियोजनाओं से आए होल पैक डंपर के कूलिंग पार्ट्स केंद्रीय कर्मशाला में रिपेयर के बाद हुए गायब ट्रेड यूनियन के पत्र से खुला बड़ा राज करोड़ों रुपए का घोटाला।

केन्द्रीय कर्मशाला जयंत परियोजना में भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ के द्वारा दिनांक 13.09.2022 को प्रबंधन को 21 बिंदुओं का मांग पत्र दिया था जिस पर 15 दिन होने के बाद भी जब कोई समाधान प्रबंधन के द्वारा नहीं किए जाने पर संगठन के द्वारा आंदोलन शुरू किया गया जिसके बाद संगठन के द्वारा जारी किए गए मांग पत्र में 21 मांगे लिखी गई थी लेकिन भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ के 21 बिंदुओं के मांग पत्र में सबसे बड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं.

आपको बता दें भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ के आठवें नंबर के मांग पत्र में एनसीएल के विभिन्न परियोजनाओं में चलने वाले होल पैक डंपर के कूलिंग मशीन जो कि रिपेयरिंग के लिए केन्द्रीय कर्मशाला जयंत लाया गया था।

मजदूर संघ ने खोला राज

बेशकीमती मशीनों के बेशकीमती पार्ट्स चोरी होने का सनसनीखेज खुलासा मजदूर संघ के ज्ञापन के कारण हो गया वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि

रिपेयर होने के बाद केंद्रीय कर्मशाला के रिपेयर शॉप से गायब होने का जानकारी सामने आया यह जानकारी भारतीय कोयला खदान सभी संघ के मांग पत्र से बड़ा खुलासा हुआ

विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से पता चला की यह कूलिंग पार्ट्स विदेशों से लाए जाते हैं जिसमें एक बक्से आकार का डब्बा रहता है उसके अंदर एलमुनियम एवं कॉपर के मटेरियल रहते हैं।जो ड़फर के इंजन को ठंडा करने के लिए लगता है खराब होने के बाद केंद्रीय कर्मशाला में रिपेयर करने के लिए लाया जाता है सूत्रों ने बताया कि एक पीस नए कूलिंग सामान की कीमत लगभग 22 से 25 लाख रुपए आती है।

करोड़ों रुपए के हैं बेशकीमती पार्ट्स Priceless parts worth crores of rupees

सी डब्ल्यू एस से मशीनों के पार्ट्स जो चोरी किए गए हैं उनकी कीमत लाखों रुपए की बताई जा रही है ऐसे लगभग 35 पार्ट्स चोरी होने की बात सूत्र बता रहे हैं सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय कर्मशाला में 35 पीस रिपेयर के लिए रखे गए कूलिंग आफ्टर कीट गायब हो गए।

एक और जहां इस बात को परियोजना प्रबंधन मानने को तैयार नहीं है वहीं दूसरी ओर इतनी बड़ी बात को कोई भी संगठन बिना किसी पुख्ता सबूत के मांग पत्र में कैसे लिखेंगे।

इस मामले में बड़े है घोटाले की बात सामने आ गई हैं क्योंकि अगर सामान चोरी हुआ है या गायब हुआ है तो इसमें कहीं ना कहीं प्रबंधन भी जिम्मेदार अब यह तो जांच का विषय है और जांच होने के बाद ही पता चलेगा कि किस में सच्चाई है।

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