SINGRAULI:भाजपा की साख पर लग रहा बट्टा वरिष्ठ नेता की उपेक्षा का तो नहीं है परिणाम ?

SINGRAULI: सिंगरौली जिले में भाजपा का गडबड उठने लगा है यह नहीं कह रहे बल्कि इन दिनों जो तस्वीरें निकल के सामने आ रहे हैं उससे तो ऐसे ही प्रतीत हो रहा है फिर चाहे सिंगरौली नगर निगम का चुनाव रहा हो या फिर सरई नगर परिषद बरगवां नगर परिषद का सभी चुनाव के परिणाम इस बात की तरफ इंगित कर रहे हैं कि आने वाले समय में भाजपा (BJP) दल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं भाजपा अपनी जमीनी पकड़ को खोती जा रही जिस तरह से जिले में भारतीय जनता पार्टी ने सिंगरौली में अपना गढ़ स्थापित किया एवं लंबे समय तक जिले की समस्त सीटों पर कब्जा किया था एक तरफा बादशाहट मिलने के बाद आखिरकार कुछ तो ऐसा हुआ है जिससे कि भारतीय जनता पार्टी(BJP )की जमीनी पकड़ अब कमजोर पड़ने लगी है कहीं ना कहीं इस पूरे मामले में भाजपा नेताओं पर जिले की जनता विश्वास करना छोड़ रही है अब इसे जनता की नाराजगी ही कहेंगे कि जनता चुनावों में भाजपा की तरफ न जाकर अन्य दलों की तरफ बढ़ रही है।

जनता में है भाजपा से नाराजगी Public is angry with BJP

सिंगरौली जिले को भाजपा का गढ़ कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं होगी परंतु यह कुछ समय पूर्व तक के लिए ही कहा जा सकता है वर्तमान में जिस तरह के हालात जिले में दिखाई पड़ रहे हैं उससे तो यह कहना गलत नहीं होगा कि अब भाजपा (BJP)अपनी जमीनी पकड़ हो चुकी है फिर चाहे सिंगरौली विधानसभा हो या चितरंगी यादव सर अभी तक इन तीनों विधानसभा में भाजपा का कब्जा है परंतु आने वाले समय में भारतीय जनता पार्टी को इन सीटों पर कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है वह भी ऐसा इसलिए है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा अब जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहे हैं जिस कारण से जनता अब नाराज दिखाई पड़ने लगी है सबसे महत्वपूर्ण एवं गौर करने वाली बात है कि बीते कुछ माह पूर्व में हुए नगर निगम चुनावों में जिस तरह के परिणाम निकल कर सामने आए हैं

वह बेहद चौकाने वाले तो है ही और उन परिणामों पर गौर करें तो महापौर पद से भाजपा को हाथ धोना पड़ा और सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के महापौर की सीट आम आदमी पार्टी के पाले में चली गई तो वही मात्र नगर निगम अध्यक्ष की सीट एवं 23 पार्षद से ही पार्टी को संतुष्ट होना पड़ा है तो वहीं दूसरी तरफ बरगवां नगर परिषद एवं सरई नगर परिषद के चुनाव परिणाम भी बेहद चौंकाने वाले निकल कर सामने आए हैं बरगवां नगर परिषद की 15 सीटों में से भाजपा को महज 6 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है तो वहीं दूसरी तरफ सरई नगर परिषद के चुनावों में भाजपा को महज 15 में से 2 सीटें ही हाथ लगी हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष की अनदेखी पड़ रही है भारी State Vice President is being ignored heavily

सिंगरौली जिले के निवासी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष शीर्ष कांत देव सिंह भाजपा दल के कद्दावर नेताओं में से एक हैं राजनीति के साथ जनता के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष का कद सिंगरौली जिले में काफी बड़ा है एवं जनता के बीच में भी इनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है

परंतु भारतीय जनता पार्टी सिंगरौली के नेताओं के द्वारा की जा रही उपेक्षा के कारण अब सिंगरौली जिले की सक्रिय राजनीति में दिखाई नहीं पड़ते हैं ऐसे में अपने ही दल के वरिष्ठ नेता की उपेक्षा करना भी भाजपा दल के सिंगरौली इकाई को कहीं ना कहीं भारी पड़ रहा है लगातार एक के बाद एक चुनावों में जिस तरह से भाजपा दल को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है इससे भी अभी सिंगरौली जिले के नेताओं की आंखें नही खुल रही है।

विधानसभा चुनाव में बढ़ सकती है भाजपा की मुश्किलें BJP’s troubles may increase in assembly elections

मध्य प्रदेश में आगामी अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे अब प्रदेश के नेता सक्रिय होते दिखाई पड़ रहे हैं फिर चाहे वह सुबह के मुख्यमंत्री या फिर गृह मंत्री या अन्य सभी मंत्री लगातार सभी अपने अपने क्षेत्र में जनता के बीच जाकर अब जनता को मनाने में जुट गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ सिंगरौली की जनता अब भाजपा के प्रति आकर्षित हो रही है दरअसल इसके पीछे प्रमुख कारण यहां की जन समस्याओं को लेकर है जनता को अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग 39 सहित प्रदूषण एवं बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर अब नेताओं से सवाल कर रही है परंतु संबंधित मामले पर कोई भी नेता सही ढंग से जनता को मना नहीं पा रहा है आगामी चुनावों पर इसका असर साफ तौर पर दिखाई पड़ सकता है

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