SINGRAULI:ग्राम पंचायत खटाई में लाखो रुपए का हुआ घोटाला, मेहरवान है जिला पंचायत सीईओ

Singrauli: There was a scam of lakhs of rupees in the Gram Panchayat Khatai, the District Panchayat CEO is kind

SINGRAULI चितरंगी:- जनपद पंचायत चितरंगी के ग्राम पंचायत खटाई में पदस्थ सचिव रामाधार केवट द्वारा पंचायत के निर्माण कार्यों में कई तरह कि वित्तीय अनियमितताएं की गई है। जिसके सम्बन्ध में ग्राम पंचायत खटाई के नव निर्वाचित सरपंच द्वारा जिला पंचायत सीईओ साकेत मालवीय को लिखित रूप में दिया जा चुका है। और उनके द्वारा आश्वाशन दिया गया था ,की जल्द ही जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी लेकिन 15 दिन बीत गए कोई कार्यवाही का नमो निशान नहीं है। आपको बता दे की रामाधार केवट अपने कर्तव्यों के प्रति इतना उदासीन है

की हस्ताक्षर के अलावा पंचायत का कार्य करना आता जाता कुछ नहीं ,यदि एक प्रस्ताव बनाने को कहा जाय तो नहीं बना पाते है। अगर सचिव की रवैया ऐसे हि रहेगी तो आप समझ सकते है कि ग्राम पंचायत का कितना विकास हो सकता है। बीते 15 अगस्त 2022 को जों ग्राम सभा सम्प्पन्न हुई थी

,उसमे मजदूरों की मजदूरी भुक्तान, अन्य निर्माण कार्यों के सम्बन्ध में चर्चा के साथ-साथ ग्रामपंचायत के नाम आवेदन भी प्राप्त हुए थे, अभी तक लंबित है। विधायक मद से तौलन बारी के घर के पास पुलिया निर्माण किया जा रहा था। उसका पैसा आहरण कर लिया गया । और अभी भी निर्माण कार्य अधूरा है।जहाँ पर पुलिया निर्माण किया जा रहा है वहा सड़क ही नहीं है। शासन के पैसे का दुरपयोग किया जा रहा है।

इसी तरह से ग्राम रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा के निर्माण कार्यों में व्यापक रूप से घोटाला किया गया है। प्रधान मंत्री आवास को देखा जाय तो संतोष वर्मा पिता बदल वर्मा का आवास संतोष गुप्ता पिता महेश गुप्ता के खाते मे 25 हजार की किस्त डाली गई है। आनंद द्विवेदी के आवास भौतिक रूप से बना ही नहीं है तीनों किस्त उनके खाते में ग्राम रोजगार सहायक द्वारा डाला गई है। जो वास्तविक रूप से प्रधान मंत्री आवास का निर्माण किए है उनके जियोटैग करने के लिए ग्राम रोजगार सहायक द्वारा 5 हजार रुपए की मांग की जाती है।

मनरेगा से बने लघु तालाब, मेड बंधान मे कितने मजदूरों की अभी तक मजदूरी मार दी गई है। ग्राम रोजगार सहायक अपने कर्तव्यों के प्रति इतना उदासीन है की ग्राम पंचायत के कार्यों में सहयोग नहीं देते है। और अपना परिवार लेकर सिंगरौली मे रहते है । गौरतलब हो कि ग्राम सभा में भी अनुपस्थित रहते है। इतना कुछ होने के बावजूद अधिकारियो का संरक्षण बना हुआ है।

ग्राम पंचायत खटाई के भ्रष्टाचार की शिकायत लगातार ग्राम वासियों द्वारा कि जा रही है लेकिन अधिकारियो के कान में जू तक नहीं रेंग रही है।इस प्रकार की मनमानी कार्यशैली में हो रहे बढ़ावा पर चढ़ावा भारी पड़ता नजर आ रहा है, अगर ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा दिए गए आवेदनों को जांच नहीं की जा रही है

तो आम जनता के साथ क्या होता होगा, विभागीय आला अधिकारियों के कार्य शैली को लेकर एक सवाल उठता है कि आखिर इनके मातहत ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों के मनमानी का कारण क्या है ?आखिर सिंगरौली जिले में यह नौकर शाही कब तक चलती रहेगी, आला अधिकारियों के मेहरबानी का कारण क्या है

मौजूदा,प्रदेश सरकार के मुखिया श्री शिवराज सिंह जहाँ भरे मंच पर बड़े बड़े दावे बड़ी बड़ी घोषणाएं करते हैं कि मध्यप्रदेश में किसी के साथ अन्याय नही होगा, यह मध्यप्रदेश नही बल्कि स्वर्णिम रामराज्य है ,यह न्याय का राज्य है। परन्तु अधिकारियों की यह रवैया प्रदेश के मुखिया के द्वारा बोले गए शब्दो को लेकर कथनी और करनी को मिथ्या साबित करने में जुटे हुए हैं

,इसे लोकतंत्र की हत्या न कहें तो क्या कहें ,इस लचर रवैया को देखते हुए सरपंच खटाई ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि जल्द ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा ,जनादेश का अपमान मुझे कतई बर्दाश्त नही होगा ।

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