Singrauli: Ban के बावजूद जिले में जमकर हुई आतिशबाजी

सिंगरौली: वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति खराब होने के कारण मध्य प्रदेश के 3 जिलों में पटाखों firecrackers पर प्रतिबंध लगाया गया था । जिसके बाद से हरकत में आए जिलाधिकारी ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पटाखों firecrackers की बिक्री पर अलग-अलग प्रतिबंध आदेश जारी किए हैं सिंगरौली में इस में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने आदेश जारी था। आदेश का पालन कराने के लिए संबंधति अधिकारियों को निर्देशित किया गया परंतु संबंधित आदेशों की धज्जियां खुले आम उड़ा दी गई

हर थाना क्षेत्रों में थाना प्रभारियों के द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा था कि पटाखे firecrackers  पूर्णता प्रतिबंधित है बावजूद इन सभी के जनता ने आदेशों को दरकिनार कर दिया और जैसे ही दिवाली की देर शाम हुई थी पटाखों की गूंज से जिला छा गया।इस आदेश में प्रतिबंध लगाने का कारण वायु गुणवत्ता को बेहद खराब बताया है

हालांकि पटाखों पर प्रतिबंध होने के बावजूद भी नगर निगम क्षेत्र में काफी मात्रा में पटाखे जलाए गए शाम के समय पटाखों की रोशनी से आसमान एक तरफ जगमगा उठा तो वहीं दूसरी तरफ तेज आवाज फर्स्ट तौर पर सुनाई दे रहे थे तो वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन के द्वारा जारी किया गया आदेश धरा का धरा रह गया

 

प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम नगर निगम क्षेत्र में बिके पटाखे (firecrackers)

वायु गुणवत्ता सूचकांक को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों को दरकिनार करते हुए एक तरफ जहां लोगों ने जमकर आतिशबाजी की है

तो वहीं दूसरी तरफ पटाखों पर प्रतिबंध होने के बावजूद भी वर्णन नवानगर जैसे प्रमुख थाना क्षेत्रों में पटाखे खुलेआम बेचे एवं खरीदे गए वह प्रशासन के द्वारा नगर निगम क्षेत्र की सीमा के बाहर शासन मार्ग पर लाइसेंसी दुकानों के लिए पटाखों का स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई थी जहां पर लगभग दर्जनभर दुकाने सुसज्जित रहे जहां नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले लोग विक्रय स्थल पर पहुंचकर आतिशबाजी का साजों सामान खरीदा।

पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर जनता में दिखी नाराजगी

SINGRAULI नगर निगम सीमा क्षेत्रों में पटाखों पर प्रतिबंध लगने के बावजूद भी एक तरफ जहां पटाखे जमकर चले हैं तो वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन के पटाखों पर बैन को लेकर जारी किए गए आदेश पर जनता ने रोष प्रकट किया है बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि सिंगरौली जिले में दर्जनों कंपनियां स्थापित हैं

एवं दर्जनों कंपनियों के स्थापना के बावजूद जहां पर प्रदूषण का ग्राफ हमेशा ही ऊपर रहता है परंतु जिला प्रशासन के द्वारा उन कंपनियों पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो वहीं दूसरी तरफ दिवाली जैसे हिंदुओं के पवित्र त्यौहार पर जिला प्रशासन के द्वारा पटाखों पर बैन लगा दिया जाता है जिला प्रशासन का यह दोहरा मापदंड है।

दोहरे मापदंड की हो चुकी है आयोग में शिकायत

SINGRAULI जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति खराब होने के कारण त्योहार के समय पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने नाराजगी जताते हुए बताया कि जिले में स्थापित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के जिम्मेदारों के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है और आखिरकार जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक आखिरकार अचानक से इतना हाई कैसे जा सकता है जाहिर सी बात है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इन कंपनियों पर समय-समय पर लगाम नहीं लगाया है और जिसके कारण यह प्रदूषण का ग्राफ काफी ऊपर चला गया है बातचीत के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता शशिकांत कुशवाहा ने बताया कि पिछले वर्ष भी प्रशासन के द्वारा इसी तरह का आदेश जारी किया गया था

SINGRAULI जिसे लेकर उन्होंने संबंधित मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली से की थी संबंधित मामले में आयोग ने मामला पंजीबद्ध केस नंबर.- 3497/12/56/2021 किया था। इस वर्ष भी संबंधित आदेश की प्रति को लेकर पुनः आयोग से इस मामले की शिकायत की जाएगी

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