SINGRAULI:पार्किंग में तब्दील हुई करोड़ों की लागत से बनी सड़क Singrauli: Road built at a cost of crores converted into parking

SINGRAULI: सिंगरौली जिले में यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा या जा सकता है

कि जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र को जोड़ने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर वाहन खड़े रहते हैं। आमतौर पर जिस सड़क को छोड़कर आवागमन की सुविधा के लिए निर्मित किया गया था मूल उद्देश्य को दरकिनार कर लोगों के द्वारा सड़क के दोनों ओर बहनो को खड़ा कर दिया जाता है जिससे की सड़क पर चलने के लिए सर की चौड़ाई कम पड़ जाती है और जिस कारण से जाम जैसी स्थिति भी निर्मित होने लगी है

हालांकि इस पूरे मामले से जिला प्रशासन अनजान बना बैठा है तो वही पुलिस व आरटीओ विभाग ऐसे लोगों पर कोई भी कारवाई नहीं करते हैं वह दूसरी और सड़क किनारे खड़े इन हवाओं के कारण आवागमन बाधित होने के साथ साथ दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है।

Parking पार्किंग के तौर प्रयोग हो रही है सड़क

SINGRAULI निगाही मोड़ से लेकर महाजन मोड़ प्रमुख रूप से सड़क दुर्घटना के स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूर्व कलेक्टर अनुराग चौधरी ने संबंधित सड़क को लेकर सड़क निर्माण को लेकर प्रयास किया गया

जिस का परिणाम या हुआ कि आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटना में कमी लाने को लेकर जिला प्रशासन ने सड़क के चौड़ी करण को लेकर करोड़ों रूपए की लागत से सड़क का निर्माण करवा दिया एक तरफ जहां सड़कों के चौड़े हो जाने के कारण आवागमन शुगम हो गया एवं सड़क पर डिवाइडर होने से लोगों को एक निश्चित लेन निर्धारित हो चुका है दुर्घटना में कमी भी आ चुकी है

परंतु वर्तमान समय में बन सकते दोनों ओर मोटर गेराज में सही होने आई गाड़ियां इन सड़कों पर जाम चुकी है जिन सड़कों की चौड़ाई से आप जनमानस को राहत देने का प्रयास किया गया था अब वह इन गेराज संचालक को की मनमानी से आम जनमानस को परेशानी का सबब उठाना पड़ रहा है इतना ही नहीं इस पूरे मामले पर यदि गौर करें तो यह स्थिति सिंगरौली जिले की विभिन्न थाना क्षेत्रों की है।

जिम्मेदारों ने बंद की आंखें

SINGRAULI जिले के नगर निगम क्षेत्र में सड़क पर किए गए अतिक्रमण को लेकर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी संजीदा दिखाई नहीं पड़ रहे हैं लगातार सड़कों पर मोटर गैराज के संचालकों के द्वारा बेखौफ होकर वाहनों की मरम्मत की जाती है नतीजा यह होता है

कि आवागमन के लिए बनाई गई इस सड़क पर मजबूरन जनता को ट्राफिक के साथ में जान हथेली पर सफर करने जैसा माहौल गैराज संचालकों के द्वारा निर्मित कर दिया गया है जिस प्रमुख सड़क से दिन और रात के समय में भी अधिकारियों का आना जाना है वह भी इस समस्या को देख कर भी अंजान बने बैठे हैं हर कोई बस समस्याओं से पीछा छुड़ाना चाहता है

परंतु जनता के सुविधाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती है हां यह बात अलग है कि सड़क हादसों में जान गवा ने पर स्थानीय जनता के द्वारा जब दुर्घटना के संबंध में विरोध प्रदर्शन किया जाता है तब जिले का सियासी पारा सहित प्रशासनिक अमले में उत्तर पुत्र की स्थिति निर्मित जरूर हो जाती है और इसके बाद तक कहीं जाकर प्रशासन को ऐसे मामले पर संज्ञान लेना पड़ता है परंतु सड़क पर किए गए अतिक्रमण को लेकर अब तक कोई भी अतिक्रमण विरोधी अभियान देखने को नहीं मिला है

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