SINGRAULI:मिट्टी को बना रहे कोयला कर रहे लाखों का कारोबार

जिले का माइनिंग अधिकारी कोल माफियाओं पर मेहरबान

सिंगरौली:मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला हमेशा से ही सुर्खियों में रहा है, ऊर्जा उत्पादन की बात हो या कोयले उत्पादन में कीर्तिमान की। इस जिले ने अपनी सहभागिता देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इन दिनों सिंगरौली जिले में कोयला के कारोबार में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है, अवैध खनन माफिया की सक्रियता जिले के लोगों की परेशानी का सबब बनती जा रही है।

आख़िर क्या है पूरा मामला

अगर पूरे मामले की बात की जाए तो इन दिनों जिला मुख्यालय हो या जिले की तहसील सभी जगहों पर कोयला से लदे वाहनों की आवाजाही जोरों पर है। बेरोकटोक धड़ल्ले से कोल माफिया का काम चल रहा है।

जिले के महदैया रेलवे साइडिंग पर पहाड़ों की कटिंग कर पहाड़ों से निकलने वाले पथरीले तत्व को कोयले में मिक्स कर रैक द्वारा भेजा जा रहा।

जिससे पहाड़ों की कटिंग कर कोल कारोबारी लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।माफिया पूरी तरह से अपने काम को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

मशीनों से होता है मिक्सिंग का खेल।

सूत्र बताते हैं कि रेलवे साइडिंगो पर कोल माफियाओं द्वारा मशीनें लगाकर पहाड़ों की कटिंग कर कोयले में मिक्स कर रैक के द्वारा कंपनियों को भेजा जा रहा जिससे मिट्टी को कोयला बनाकर लाखों का मुनाफा कोल कारोबारी कमा रहे हैं ।

कोयले की इस काली खेल खेल की जानकारी जिला मुख्यालय में बैठे खनिज अधिकारी को भी बकायदा है क्योंकि पिछले दिनों जिला अधिकारी ने इन कोल माफियाओं पर एक बड़ी कार्रवाई की थी उसके बाद भी जिले में संचालित स्थल का बंद ना होना खुद में एक सवाल बनकर रह गया है।

इस सारे मामले पर जब हमारे संवाददाता ने माइनिंग अधिकारी से बात करनी चाही तो अधिकारी ने फोन उठाना उचित नहीं समझा।

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