NGT team reached Singrauli:शिकायत के बाद सिंगरौली पहुंची एनजीटी टीम शिकायतकर्ता ने लगाया सरकारी अमले पर धमकाने का आरोप

NGT team reached Singrauli सिंगरौली: सिंगरौली जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच में एक तरफ जहां एनजीटी की नींद उड़ी हुई है तो वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय जनता प्रदूषण के दंश से बेहाल होती नजर आ रही है दर्शन सिंगरौली जिले में प्रदूषण का जो ग्राफ है वह लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे कि प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों में इसका असर भी दिखाई पड़ना शुरू हो गया है

इस पूरे मामले पर सिंगरौली जिले के ही स्थानीय व्यक्ति ने बढ़ते प्रदूषण के ग्राफ को लेकर विभिन्न मंच पर लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है संबंधित मामले में आवेदन कर्ता की ओर से लगातार इस बात की शिकायत की जा रही है कि प्रदूषण के मामले पर कंपनी प्रबंधन एवं स्थानीय स्तर पर मौजूद टीम के द्वारा प्रदूषण को लेकर कोई ठोस कार्य नहीं किए जा रहे हैं

जिस कारण से कई तरह की विसंगतियां निकलकर सामने आने लगी हैं। इस पूरे मामले पर जब स्थानीय स्तर के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की तब आवेदन कर्ता ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अलावा एनजीटी की शरण में जा पहुंचा जहां पर एनजीटी की टीम हरकत में आ गई और जिसके बाद शुरू हुआ जिले के प्रदूषण को देखने का दौर।

NGT team reached Singrauli   आपको बताते चलें कि क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स की हालत बेहद खराब बताई जा रही है यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आए दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर जारी होने वाले आंकड़ों में स्पष्ट तौर पर बताया गया है हालांकि बढ़ते प्रदूषण के ग्राफ को लेकर किसी भी प्रकार के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

आखिर क्या है पूरा मामला

शासन क्षेत्र के रहने वाले बली राम प्रसाद साह प्रदूषण के मामले में आवेदन में लिखा है कि वह अपने पैतृक जमीन में पूर्वजों के द्वारा बनाए हुए घर में परिवार सहित निवासरत है एवं उनके घर के समीप महत 700 से 800 मीटर की दूरी पर रिलायंस पावर प्लांट स्थापित है और यही रिलायंस पावर प्लांट का सीएचपी गोलियाड भी है

जिसमें कि दिन रात बराबर कोल्डेस्ट व्यापक रूप से निकलता रहता है जिसमें की सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है और आए दिन पूरे परिवार के सदस्य एक-एक करके बीमार होते जा रहे हैं संबंधित मामले में आवेदन करता नहीं प्रदूषण का हवाला देते हुए लिखा है कि बीमारियों एवं कठिनाई से कहीं पूरा परिवार ही समाप्त न हो जाए

जिसकी आशंका से पीड़ित ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली एनजीटी भोपाल गृहमंत्री मध्यप्रदेश पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार गृह मंत्रालय भारत सरकार कमिश्नर रीवा के साथ क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सिंगरौली एवं जिला दंडाधिकारी सिंगरौली के समक्ष लिखित तौर पर संबंधित मामले की शिकायत की है

पीड़ित के द्वारा आवेदन 13 अप्रैल 2022 को दिया गया जिस पर मामले का संज्ञान लेते हुए लगभग कमेटी गठित कर क्षेत्र में फैले प्रदूषण की जांच को लेकर मौके पर एनजीटी की टीम एवं कई विभाग के अधिकारी कर्मचारी ने पहुंचकर सैंपलिंग का कार्य शुरू किया है।

NGT team reached Singrauli     एनजीटी ने लिया मामले का संज्ञान

आवेदन करता बलिराम प्रसाद साह के आवेदन के बाद से एनजीटी की टीम ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित मामले पर कार्रवाई करने सिंगरौली पहुंची है विभागीय सूत्र बताते हैं

कि फिलहाल एनजीटी की टीम की तरफ से 3 सदस्य एनजीटी दिल्ली से एवं प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भोपाल के साथ में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे जिसके बाद से रिलायंस के आसपास के क्षेत्रों में एयर क्वालिटी को लेकर सैंपलर स्थापित किया है जिसमें कि वायु गुणवत्ता की जांच की जा रही है

इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों से टीम के द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर भी मृदा परीक्षण के लिए खेतों की मिट्टी के सैंपल लिए गए हैं टीम लगातार क्षेत्र में घूम कर प्रदूषण के मामले में कई एंगल से जांच कर रही है।

हालांकि इस पूरे मामले पर आवेदन घटा से बातचीत के दौरान आवेदन कर्ता ने बताया कि रिलायंस के सीएचपी के कारण शाम के समय उड़ने वाले कोल डस्ट के कारण आवेदन करता एवं उसके परिवार के स्वास्थ्य पर इसका बेहद घातक असर दिखाई पड़ा है

पीड़ित ने बताया कि शाम के समय अक्सर भारी मात्रा में कोल डस्ट के कारण सर दर्द एवं आंख में जलन की शिकायत उसके समूचे परिवार को है एवं उसके वृद्ध माता एवं पिता के स्वास्थ्य पर इतना घातक असर पड़ा है कि वह कई बार चक्कर खाकर गिर जाते हैं और अचेत हो जाते हैं

आवेदन कर्ता ने लगाया धमकाने का आरोप

प्रदूषण के मामले में शिकायतकर्ता बलिराम प्रसाद साह संबंधित मामले को लेकर शिकायत के बाद हरकत में आई दर्जनभर टीम में शामिल प्रशासनिक अमले पर धमकाने का आरोप लगाया है

बातचीत के दौरान पीड़ित ने बताया कि घर पर पहुंची टीम के साथ मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले के अधिकारियों ने डराते हुए कहा कि एक बार जांच समाप्त हो जाए उसके बाद तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे । जिसके बाद से पीड़ित काफी डरा हुआ है ।

कटघरे में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम NGT team reached Singrauli

सिंगरौली जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण के ग्राफ के कारण प्रशासनिक अमला भले ही अब हरकत में आया है परंतु क्षेत्र में जिस तरह से प्रदूषण का ग्राफ आसमान की ऊंचाइयों को छू रहा है

वह इस बात की तरफ इंगित करता है कि सिंगरौली जिले में मौजूद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के द्वारा समय रहते प्रदूषण के बढ़ते ग्राफ को नजरअंदाज किया गया जिसका नतीजा यह हुआ कि आज एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के आंकड़े को छू रहा है

सवाल तो यह उठता है कि अचानक से एयर क्वालिटी इंडेक्स आखिरकार इतना कैसे जा सकता है जबकि स्थानीय स्तर पर ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी लगातार कार्यरत हैं अब इस पूरे मामले को देख कर तो ऐसा ही प्रतीत होता है

कि या फिर इस पूरे मामले पर एनजीटी के द्वारा जारी किए गए आदेश गलत है या फिर सिंगरौली जिले में मौजूद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की कार्यशैली ही गलत है इस पूरे मामले पर जांच होने के उपरांत ही तथ्य निकलकर सामने आ सकते हैं तो वही इन सब के बीच प्रदूषण के कारण आम जनजीवन काफी ज्यादा प्रभावित होता दिखाई पड़ रहा है

बीते दिनों हिंदुओं के पवित्र त्योहार दिवाली में भी सिंगरौली जिले के शहरी क्षेत्र में पटाखों की बिक्री सहित पटाखे जलाने पर भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया जा चुका है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इस पूरे मामले पर अमला लगातार लीपापोती करने में जुटा है

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