Transport Department:सिंगरौली अवैध कार्यों में लिप्त ट्रैक्टर चालकों पर मेहरबान जिला परिवहन विभाग बीते दिन हुए बवाल के बाद भी नहीं जागा जिले का परिवहन विभाग

Transport Department: सिंगरौली माइनिंग के क्षेत्र में सिंगरौली जिले का नाम सदा से विख्यात रहा है फिर चाहे कोयले का उत्पादन हो या फिर भारी मात्रा में रेत।

समस्त मामलों में सिंगरौली किसी भी अन्य जिले की तुलना में काफी ज्यादा आगे रहा है इसका अंदाजा भी इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्यापारिक नगरी इंदौर मध्य प्रदेश राज्य को सर्वाधिक राजस्व देने के मामले में नंबर एक पर है तो वही मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला विद्युत कोयला उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश के प्रथम स्थान पर है

परंतु यदि हम रेवेन्यू की बात करें तो मध्य प्रदेश सरकार के खजाने में खजाना भरने के नाम पर इंदौर के बाद सिंगरौली ही एक ऐसा जिला है जो कि सर्वाधिक राजस्व मध्यप्रदेश सरकार को देता है औद्योगिक नगरी होने के नाते जिले में लगातार औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है

इस बढ़ोतरी के बाद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी जिले में हो रही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर बिल्कुल भी सजग दिखाई नहीं पड़ते हैं दिनों दिन बढ़ते प्रदूषण एवं बेरोजगारी के साथ सड़क दुर्घटनाओं के मामले में फिलहाल किसी प्रकार का कोई ठोस पहल नहीं किया गया है।

Transport Department: सड़क दुर्घटना को लेकर भी गंभीर नहीं है परिवहन विभाग

सिंगरौली जिले में दिनों दिन बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के कारण एक तरफ जहां आम जनमानस भयभीत होकर घरों से बाहर निकलता है परंतु जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही बढ़ोतरी के पीछे एक तरफ जहां लापरवाह चालकों के द्वारा वाहनों को चलाया जाना है

तो वहीं दूसरी तरफ यातायात नियमों की अनदेखी भी इसका एक बड़ा कारण है आपको बताते चलें कि सिंगरौली जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारण जान गवाने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिला है यह हम नहीं कह रहे हैं

बल्कि जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बता रहे हैं एक आंकड़े के अनुसार सिंगरौली जिले में हर वर्ष सड़क दुर्घटना में लगभग कई सैकड़ों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं परंतु सड़क दुर्घटना होने के बाद एक तरफ जहां मृत व्यक्ति सड़क पर ही पड़ा रहता है

तो वहीं दूसरी तरफ कुछ देर के बवाल के बाद लोगों का आक्रोश भी शांत हो जाता है और प्रशासन भी इसे एक दुर्घटना समझ कर अगली कार्रवाई तक नहीं करता है जिससे कि आने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जा सके।

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिले में इन दिनों अवैध तरीके से रेप परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की संख्या बेहद बढ़ चुकी है भले ही ट्रैक्टरों को कृषि कार्य हेतु कहा जाता है लेकिन जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैक्टरों का उपयोग अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर परिवहन करने के लिए प्रयोग किया जा रहा है

  Transport Department: सड़कों पर दौड़ रहे हैं बिना नंबरों के ट्रैक्टर

इन सबके बीच सबसे बड़ी बात तो यह है कि संबंधित अवैध कार्यों में संलिप्त ट्रैक्टर चालकों के द्वारा ट्रैक्टरों पर किसी भी प्रकार का कोई रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं लिखा जाता अब यह ट्रैक्टर दिन और रात जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में थाना और चौकियों से होकर निकलते रहते हैं परंतु न तो इन ट्रैक्टरों पर पुलिस कार्रवाई करने की जहमत उठाती है और ना तो कभी परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान देते हैं

बीते दिनों अरे परिवहन करने में लगे ट्रैक्टर से दुर्घटनाग्रस्त होने वाले नीरज दुबे की जान चली गई एवं सुबह से लेकर शाम तक लोगों ने चक्का जाम कर दिया था इस घटना के बाद भी जिले का परिवहन विभाग सबक लेने का नाम नहीं ले रहा है।

सिंगरौली जिले में स्थित परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से संबंधित मामले को लेकर फोन पर चर्चा करनी चाही गई परंतु जिम्मेदार अधिकारी ने फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा जिसके बाद जिला परिवहन कार्यालय पहुंचकर संबंधित मामले में परिवहन विभाग का पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु

जिला परिवहन अधिकारी के कार्यालय में पहुंचने के बाद अधिकारी के कार्यालय के बाहर ताला लटका मिला तो वही परिवहन विभाग के जैसे रजिस्ट्रेशन परमिट एवं लाइसेंस बनाने वाले काउंटर पर लोगों की भरमार दिखी और इसके साथ ही संबंधित काउंटर पर दलालों का जमावड़ा भी भरपूर देखा गया।

जिले में परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कि कार्यालय में उपस्थित भले ही ना रही हो परंतु विभागीय कर्मियों एवं दलालों के द्वारा कार्यों को बखूबी ढंग से किया जा रहा था।

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