SINGRAULI NCL:नशे एवं अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्ति पर मेहरबान एनसीएल

SINGRAULI NCL। एनसीएल के विभिन्न परियोजनाओं में स्थित आवासीय परिसर में अनाधिकृत रूप से रह रहे लोगों को लेकर प्रमुखता से खबर उठाई गई

संबंधित मामले में मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों एनसीएल के आवासीय परिसर में रहने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों के द्वारा अवैध कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आवासीय परिसर में रहने वाले लोग दबी आवाज में बताने से नहीं चूक रहे हैं

तो वहीं दूसरी ओर संबंधित मामले में अनाधिकृत लोगों पर किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई ना कर एनसीएलपी संबंधित कार्यों को शेर दे रहा है यह तो एमसीएल NCL के जिम्मेदार अधिकारी ही बता सकते हैं

परंतु जिम्मेदार अधिकारी भी मामले में क्या , मीडिया से रूबरू ही नहीं होना चाहते हैं केन्द्रीय कर्मशाला जयंत परियोजना के कॉलोनी में अवैध तरीके से रहने वाले लोगों पर आज तक परियोजना के एस.ओ पी एस.सी राय कार्रवाई नहीं कर पा रहे है।

ऐसा भी नहीं कि संबंधित व्यक्तियों के द्वारा एनसीएल को किसी तरह का कोई लाभ मिल रहा है बल्कि एनसीएल की संपत्ति पर कब्जा कर लोग कमाई करने में पूरी तरह मशगूल हो चुके हैं ऐसे में सवाल तो यह उठता है

कि अनाधिकृत व्यक्तियों के द्वारा आखिरकार एनसीएल NCL के आवासीय परिसर में शरण कैसे ली किसके इशारे पर एनसीएल के आवासों का ताला तोड़कर अनाधिकृत लोगों को प्रवेश करा दिया गया आवासीय परिसर में कर्मचारियों को एक तरफ जहां घर मिलने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है

तो वहीं कुछ लोग बड़ी ही आसानी से आवासों पर कब्जा जमाकर वर्षों से रह रहे हैं।सूत्र बताते है कि एस.ओ.पी एस.सी राय अवैध रूप से रहने वाले लोगों पर मेहरबान हैं जिसके कारण अवैध रूप से क्वार्टर में रहने वाले लोगों को नहीं हटा पा रहे है। ऐसे में इस मामले की जांच अत्यंत आवश्यक होती दिखाई पड़ रही है

SINGRAULI NCL:एनसीएल को हो रही है आर्थिक क्षति

कोयला उत्पादन के लिए जाने जाने वाले नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड की विभिन्न परियोजनाओं में स्थित आवासीय परिसर के साथ परिसर में ही निर्मित दुकानों को लेकर भी लगातार कहानी निकल कर सामने आ रही है जयंत क्षेत्र के सीडब्ल्यूस कॉलोनी मैं दर्जनों दुकानों का किराया तक वसूल नहीं कर पा रहा है

सुरक्षा विभाग या यूं कहें कि सुरक्षा विभाग की मेहरबानी पर एनसीएल परिसर में निर्मित दुकानों का किराया तक वसूल कर पाने में सुरक्षा विभाग नाकाम दिखाई पड़ रहा है इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कमियों को दूर करने की बजाय मीडिया पर बरसना उचित समझते हैं।

दूसरी ओर परियोजना के सुरक्षा विभाग भी लापरवाह नजर आ रहा है केन्द्रीय कर्मशाला परियोजना के आवासीय परिसर में अवैध निर्माण कार्य भी चल रहा है जिसमे सुरक्षा विभाग का हाथ सामने आने की जानकारी भी मिल रही है।

केन्द्रीय कर्मशाला के क्वार्टर नंबर MQ 126 में 2014 से ही व्यक्ति अवैध तरीक़े से रह रहे हैं ।MQ 472 मृतक राम मिलन के नाम पर है लेकिन यहां पर भी कोई व्यक्ति अवैध रूप में रहता है इसे भी खाली नहीं करा पा रहे हैं।

परियोजना में आवास आवंटन समिति भी मौजूद है लेकिन वह भी चुपचाप बैठे हुई है वही इस पूरे मामले में सूत्र बताते हैं कि अवैध रूप से रहने वाले लोगों के द्वारा पैसा भी दिया जाता है लेकिन यह पैसा कौन ले रहे हैं और किसके पास जा रहा है

अभी तक उसकी जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है। परंतु इस पूरे मामले में एक बात जो निकलकर सामने आई है वह बेहद साफ है कि कई दशकों से दुकानों का किराया वसूल न कर पाने से एनसीएल को लाखों रुपए की क्षति हो रही है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सीडब्ल्यू यस के आवासीय परिसर में स्थित दर्जनों दुकानों का किराया कई दशकों से सी डब्ल्यू एस के जिम्मेदार अधिकारी वसूल नहीं कर पाए हैं इसके साथ ही जिस तरह से एनसीएल में लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं एवं आवास दिनों दिन खाली होते जा रहे हैं जिन पर गैर कर्मचारी लोगों की नजरें जमी हुई है

सुरक्षा का जिम्मा संभाले वाली सिक्योरिटी भी सवालों के घेरे में आ चुकी है कि जब वह पूरी तरह से सजग हैं तो आखिरकार आवासीय परिसर में अनाधिकृत व्यक्ति को आवास कैसे मुहैया हो जाता है एवं अनाधिकृत रूप से रहने वालों की खबर आखिरकार सुरक्षा विभाग के जिम्मेदारों तक नहीं पहुंच पाती।

सी डब्ल्यू एस क्षेत्र के संबंध में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जयंत पुलिस के द्वारा पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के मामले में कार्रवाई का चुकी है तो वही संबंधित व्यक्ति के द्वारा बेखौफ होकर कबाड़ की दुकान संचालन करने की बात बता रहे हैं

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