जीवनशैली, Urad dal advantages and disadvantages:- उड़द दाल, दाल का ही एक प्रकार होता है जिसकी तासीर ठंडी मानी जाती है। इस दाल में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं जो ना सिर्फ आपके पकवानों को टेस्टी बनाता है, बल्कि कई बीमारियों के लिए भी मददगार होता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व के कारण बुखार, सिर दर्द, सूजन और अनेक बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं उड़द दाल के फायदे और नुकसान। उड़द दाल काले, हरे और सफेद रंगों में बाजारों में उपलब्ध होता है, लेकिन सबसे ज्यादा लाभकारी काले रंग की उड़द मानी जाती है। आयुर्वेद में भी उड़द की तारीफ से की गई है।

उड़द दाल सिर दर्द के समय काफी फायदेमंद माना जाता है। 50 ग्राम उड़द को 100 मिली दूध में पकाकर उसमें घी डालकर खाने से सिर दर्द में राहत मिलती है।

यदि आपको रूसी की समस्या है, तब भी उड़द दाल काफी काम की हो सकती है। इसके इस्तेमाल से गंजापन, बालों की सफेदी और सिर से जुड़े कई रोग खत्म हो सकते हैं। उड़द दाल को जलाकर उससे बनी भस्म को सरसों तेल में मिलाकर लगाने से बालों की समस्या का समाधान हो सकता है। इतना ही नहीं इसका सेवन लीवर की सूजन को भी कम कर सकता है। उड़द का जूस बनाकर इसका सेवन किया जाए, तो लिवर से जुड़ी बीमारियों से निजात पाया जा सकता है।

बढ़ती उम्र में जोड़ों के दर्द की समस्या शुरू हो जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि उड़द दाल का इस्तेमाल आपको इन समस्याओं से भी आराम दिला सकता है। आजकल मौसम काफी बदल रहा है कभी गर्मी-कभी बारिश के कारण बुखार की समस्याएं भी बढ़ेंगी।

इस दौरान उड़द दाल आपके काम आ सकता है। उड़द डाल का जूस बनाकर 10 से 20 मिली मात्रा में सेवन करने से बुखार कम हो जाता है। इतना ही नहीं यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए और स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए भी उड़द दाल काफी ज्यादा उपयोगी माना जाता है। यदि इसका इस्तेमाल सही से किया जाए तो यह काफी काम की चीज हो सकती है।

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