Uric Acid : शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने की स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। जिसके बढ़ जाने से शरीर के जोड़ों में तेज दर्द होने के साथ घुटनों में भी दर्द इतना ज़्यादा बढ़ जाता है कि उठने-बैठने में भी समस्या होने लगती है। ऐसे में इस समस्या से जूझ रहे लोगों को उन फूड्स का सेवन करना चाहिए जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन मौजूद हो। पपीता के ज़रिये भी आप यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं।

यूरिक एसिड को कण्ट्रोल करता है कच्चा पपीता

सभी लोग पपीता खाते हैं और उन्हें ये पता नहीं रहता की इसे खाने से क्या होता है? चलिए आपको आज हम बता रहे है की कच्चे पपीते में विटामिन-सी, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी जैसे गुण मौजूद होते हैं। इसमें मौजूद यह फाइबर, यूरिक एसिड मरीजों के जोड़ों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। क्योंकि, इसमें एंजाइम पपाइन मौजूद होते हैं, यह शरीर में साइटोकींस नाम के प्रोटीन का उत्पादन को बढ़ाता है और इसे नेचुरल पेनकिलर भी कहा जाता है।

पपीता का ऐसे करें सेवन

शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कंट्रोल करने के लिए पपीते का आप अलग-अलग तरीकों से सेवन कर सकते हैं। जैसे की कच्चे पपीते का आप जूस और काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं ये काढ़ा स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। काढ़ा बनाने के लिए  2 लीटर पानी को उबालकर उसमें कच्चे पपीते के छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के बाद उबलते हुए पानी में डालें और करीब 5 मिनट तक उबालें। फिर इस पानी में 2 चम्मच ग्रीन टी डालकर उबाल लें। तैयार इस काढ़े का दिन में 3 से 4 बार सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है जिससे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा नियंत्रित हो जाएगी।

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