रायपुर राजधानी में सिटी बसों का संचालन बंद है। शहर के लोग साधन के लिए धक्के खा रहे हैं। वहीं प्रशासन सिटी बस चलाने के बजाय एसी बस स्टापेज बनवा रहा है। वर्तमान में छह जगहों में एसी बस स्टाप का निर्माण पूरा हो चुका है। एसी बस स्टाप पिछले छह महीनों से बनकर तैयार है,

लेकिन बस न चलने से वे धूल खा रहे हैं। निगम प्रशासन बस के संचालन को लेकर गंभीर नहीं है। शहर में बसों का संचालन जल्द शुरू नहीं किया गया तो लाखों रुपये की लागत से बने एसी बस स्टाप कबाड़ में तब्दील हो जाएंगे। बसों के संचालन को लेकर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। निगम के अधिकारी सिटी बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया करने की बात कह रहे हैं।

ज्ञात हो कि राजधानी में कोरोना संक्रमण के दौरान सिटी एसी और नान एसी बसों का परिचालन बंद है। खड़ी-खड़ी सिटी बसें कंडम हो गई हैं। बसों के संचालन को लेकर रायपुर नगर निगम महापौर एजाज ढेबर ने 12 मई, 2022 को दो दिन के भीतर टेंडर प्रक्रिया करने के निर्देश दिए थे,

लेकिन निगम के अधिकारी सिटी बसें चलाने को लेकर गंभीर नहीं हैं, क्योंकि अधिकारी सिटी बसों को प्राथमिकता में नहीं ले रहे हैं। इस कारण अभी तक सिटी बसों की टेंडर प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी एसी बस के यात्रियों के लिए एसी बस स्टाप का निर्माण कर रही है। इससे यह साबित हो रहा है कि निगम प्रशासन राजधानीवासियों के लिए कितनी चिंतित है।

सिटी बस का संचालन बंद होने से यात्री हलकान

राजधानी में सिटी बसें पिछले दो साल से बंद हैं, वहीं रेलवे प्रशासन द्वारा एक माह तक के लिए एक दर्जन मेमू ट्रेनों को रद कर दिया है। ऐसे में सिटी बसों का संचालन शुरू होने से राजधानी के लोगों को पेट्रोल-डीजल के दाम में राहत मिलने की उम्मीद है। सिटी बसों में कम किराये पर यात्री सफर कर सकेंगे। फिलहाल सिटी बसों के बंद होने के चलते बस और आटो चालक अधिक किराया वसूल रहे हैं। वहीं पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी होने से बाइक या चार पहिया वाहनों में घूमना या जरूरी काम से आना-जाना महंगा हो चुका है।

दो करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से निर्माण

एम्स अस्पताल गेट क्रमांक पांच, रविशंकर विश्वविद्यालय के गेट, बंदना आटो, कटोरा तालाब, आनंद नगर, आंबेडकर अस्पताल और तहसील कार्यालय के सामने निर्माण किया है। स्मार्ट एसी बस स्टाप के साथ ही अलग-अलग जगहों में 32 टायलेट का निर्माण किया है। अधिकारी का कहना है कि स्मार्ट एसी बस स्टाप और टायलेट का निर्माण कुल दो करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से किया गया है।

फैक्‍ट फाइल

– वर्ष 2013 में शुरू हुआ 100 सिटी बसों का संचालन

– 22 मार्च, 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते कर दी गईं बंद

– अप्रैल 2020 से नहीं पटा है बसों का टैक्स

– कंडम हो गई हैं बसें, मरम्मत के लिए तीन करोड़ मांग रहे आपरेटर

– सात एसी बस स्टाप और 32 टायलेट की लागत दो करोड़ 60 लाख रुपये

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