Bhopal: Madhya Pradesh के 1 जिले में गोलगप्पा खाने वाले प्रेमियों मैं गोलगप्पा प्रतिबंध के बाद हड़कंप मच गया। गोलगप्पा एक ऐसी चीज है जिसे खाने के लिए सबका मन लग जाता है परंतु मध्यप्रदेश के मंडला जिले में गोलगप्पे पर प्रतिबंध लगते ही गोलगप्पा खाने वालों में हड़कंप मच गया। गोलगप्पे को लोग पानी पुरी वह फूलकी भी कहते हैं

 यह प्रतिबंध नायब तहसीलदार की एक रिपोर्ट के आधार पर लगाया गया है। यह अपने तरह का विशेष प्रतिबंधात्मक आदेश है इसलिए देशभर में इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

मामला मध्यप्रदेश के मंडला जिले का है। यहां एक नायब तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 2 तहसीलों में गोलगप्पे खाने के कारण 80 लोगों की तबीयत खराब हो गई जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। दीपावली फेस्टिवल के पहले स्थिति तनावपूर्ण ना हो जाए इसलिए मंडला कलेक्टर के आदेश पर एडीएम श्रीमती मीना मसराम ने पूरे मंडला जिले में गोलगप्पे पर आगामी आदेश तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मण्डला (म.प्र) द्वारा श्रीमति मीना मसराम, अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त दंडाधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश क्रमांक / एडीएम / 2022/440 मण्डला, दिनांक 23/10 /2022 जारी हुआ है।

इसमें लिखा है कि, त्यौहारों के अवसर पर प्राय हाट-बाजारों में चाट-फुल्की के ठेलों में खाद्य सामग्री पर विशेषत: पूर्ण साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जाता है जिससे चाट-फुल्की का सेवन करने वालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है, नायब तहसीलदार मण्डला द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार जानकारी प्राप्त हुई है कि मण्डला एवं चिरईडोंगरी में पानीपुरी (फुल्की) खाने से लगभग 80 व्यक्तियों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी जिससे उनका इलाज जिला चिकित्सालय मण्डला में गतिशील है।

अतः उक्त परिस्थिति एवं लोगों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए जिले में चाट-फुल्की की लगने वाली दुकानें तथा हाथ ठेलों को (विक्रय की गई सामग्रियों की गुणवक्ता की जांच कार्यवाही पूर्ण होने तक) सम्पूर्ण मण्डला जिले में आगामी आदेश पर्यन्त प्रतिबंधित किये जाने का आदेश पारित किया जाता है। यह आदेश आज दिनांक 23.10.2022 को मेरे (श्रीमति मीना मसराम, अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त दंडाधिकारी) हस्ताक्षर और न्यायालय की मोहर से जारी किया गया।

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