ग्वालियर, भोपाल में पैदा हुई पेयजल समस्या (drinking water problem) के बाद सरकार सख्त हो गई है। सरकार के मंत्री अपने अपने प्रभार वाले जिलों में भीषण गर्मियों में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए गंभीर हो गए हैं और अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि पेयजल वितरण की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि एक दिन भी परेशानी ना हो।

बुधवार को ग्वालियर पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को पेयजल की समस्या नहीं होना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में 25 – 25 पेयजल के टैंकर रिजर्व में भी रखे जाएं। जिन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में कठिनाई आ रही है वहाँ पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में केन्द्र सरकार की योजनाओं के तहत पेयजल वितरण के लिये तैयार की गई टंकियों पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का फोटो भी लगाया जाए।

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प्रभारी मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत 438 गांवों की जो डीपीआर तैयार हुई है उनका कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही शेष गांवों की डीपीआर भी तत्परता से बनाई जाए। मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कों के संधारण का कार्य भी शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बरसात के दौरान किसी भी गांव में समस्या नहीं रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में हैंड पम्पों के संधारण का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता से कराया जाए। साडा क्षेत्र के जिन ग्रामों में पेयजल में समस्या है उसके स्थायी समाधान के लिये भी शीघ्र कार्रवाई की जाए।

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उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पर्याप्त एवं शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले, यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुरार सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता के साथ-साथ ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

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