इंदौर -: तीन माह पहले शहर में एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी ‘गोवर्धन प्लांट का उदघाटन जोर-शोर से किया गया था लेकिन अभी बसों को देने के लिए इस प्लांट में गैस तैयार नहीं हो पा रही है। नगर निगम द्वारा इस प्लांट में तैयार होने वाली गैस से 400 बसें चलाने का दावा किया गया था। हकीकत यह है कि अभी तक सिर्फ 10 बसों को ही इस प्लांट से ईंधन मिल पा रहा है। ऐसे में नगर निगम बाजार से सीएनजी खरीद 124 बसों को ईंधन उपलब्ध करवा रही है।

इंदौर क्लीन एनर्जी एजेंसी द्वारा 150 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार किए गए इस प्लांट में अभी तक 96 प्रतिशत शुद्धता स्तर वाली गैस ही तैयार नहीं हो पाई है। यही वजह है कि अभी तक प्लांट में तैयार गैस को ट्रायल के तौर पर सिर्फ 8 से 10 बसों को दिया जा रहा है। प्लांट संचालित करने वाली एजेंसी के संचालक तकनीकी खामी को दूर कर 25 मई से 100 बसों को ईंधन उपलब्ध करवाने का दावा कर रहे है।

90 फीसद गैस की शुद्धता: इस प्लांट में पिछले तीन माह से तैयार हो रही बायो सीएनजी गैस की शुद्धता का स्तर 90 से 92 फीसद के आसपास रहा है। बसों में सीएनजी को ईधन के रुप में देने के लिए शुद्धता का स्तर 96 फीसद से अधिक होना चाहिए। यही वजह है कि अभी सभी बसों को इस प्लांट से ईंधन नहीं दिया जा रहा है। शुद्धता का स्तर कम होने के कारण बस आपरेटर भी यहां तैयार हो रही गैस ईंधन के रुप में लेने को तैयार नहीं है।

प्लांट में 550 टन गीले कचरे से 17500 किलो गैस प्रतिदिन तैयार करने का दावा है। हकीकत यह है कि अभी प्लांट में 425 टन गीले कचरे का उपयोग कर 25 हजार घन मीटर बायो गैस तैयार की जा रही है। वही 8 टन सीएनजी गैस प्रतिदिन तैयार हो रही है। इस प्लांट से तैयार होने वाले गैस निगम द्वारा संचालित बसों को बाजार मूल्य से पांच रुपये कम कीमत में मिलना है। प्लांट से गुणवतापूर्ण गैस न मिलने के कारण अभी बाजार से बाजार मूल्य कीमत पर गैस खरीदकर लेना पड़ रही है।

तीन तरीके से किया प्रमाणित, कंप्रेशर में कर रहे तकनीकी सुधार

अभी प्लांट में 8 टन सीएनजी प्रतिदिन तैयार हो रही है और 10 बसों को ईंधन दे रहे है। तीन दिन पहले ही हमें गैस की शुद्धता का स्तर 96 फीसद मिला है। हमने प्लांट में दो एनालाइजर के माध्यम से इसकी जांच की है। इसके अलावा मुंबई की एक लैब से भी गैस की गुणवत्ता प्रमाणित की है। प्लांट में कंप्रेशर के माध्यम बड़े सिलिंडर टैंक में गैस का रखने के पश्चात ही उसे पंप के माध्यम से बसों को दिया जाना है। कंप्रेशर का प्रेशर व फ्लो को उच्चतम स्तर न मिलने के कारण गैस वितरण की व्यवस्था प्रभावी नहीं बन पाई है। तकनीकी सुधार कर इसे बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे है। 25 मई से हम 100 सीएनजी बसों को ईंधन दे पाएंगे।

 

गुणवत्तापूर्ण गैस तैयार होने की प्रक्रिया में समय लगता है

प्लांट में तैयार हो रही गैस फिलहाल आठ से दस बसों को दी जा रही हैं। अभी शुरुआती स्तर होने के कारण प्लांट से गुणवत्तापूर्ण गैस तैयार होने की प्रक्रिया में समय लग रहा है। इस वजह से हम बसों को बाजार से सीएनजी खरीद बसों को उपलब्ध करवा उनका संचालन कर रहे है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here