सतना सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि कम करने एवं सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित सड़क सड़क सुरक्षा समिति की बैठक प्रत्येक माह में दो बार होगी।

इस बैठक में जिले में होने वाले सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि की पखवाड़े बार समीक्षा की जाएगी। सड़क सुरक्षा समिति की माह में दो बैठकों में एक वर्चुअल और दूसरी फिजिकल मीटिंग होगी। सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुराग वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह जानकारी दी गई।सतना

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, अपर कलेक्टर एवं आयुक्त नगर निगम राजेश शाही, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसके जैन, सीएसपी महेंद्र सिंह, एआरटीओ संजय श्रीवास्तव, सीएमएचओ डॉ अशोक अवधिया, यातायात प्रभारी सत्य प्रकाश मिश्रा, सभी एसडीओपी एवं सड़क विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने गत वर्ष देश भर में हुई सड़क दुर्घटना में हुई लगभग डेढ़ लाख मृत्यु पर गंभीर चिंता जाहिर की है और सड़क सुरक्षा समिति के सम्मिलित प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।सतना

सड़क सुरक्षा समिति को सक्रिय होने को कहा गया है और इसकी बैठकें हर 15 दिन में करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क सुरक्षा समिति का गठन कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में किया गया है। पुलिस अधीक्षक समिति में सदस्य होंगे। इसके अलावा समिति के सदस्यों में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, परिवहन विभाग के अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आयुक्त नगर निगम, राज्य मार्ग प्रशासक एवं मेजर डिस्ट्रिक रोड के अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।

यह कमेटी जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली मृत्यु की प्रकरणवार समीक्षा करेगी तथा दुर्घटनाओं के अनुमानित लक्ष्य में 10 प्रतिशत कमी लाने का प्रयास करेगी। जिले की सभी नोडल एजेंसी के प्रभारी अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। बैठक में यातायात प्रभारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जिले में 10 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जिनमें से चार स्थानों पर सुधारात्मक उपायों से ब्लैक स्पॉट खत्म होने से सूची से हटाने के प्रस्ताव भेजे गए हैं। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉटों के निर्मूलन और की गई कार्यवाही की जानकारी भी दी।

यातायात प्रभारी ने बताया कि सतना जिले में वर्ष 2020 में कुल 1352 सड़क दुर्घटनाओं में 1766 घायल और 369 मृत्यु हुई। वर्ष 2021 में कुल 1500 सड़क दुर्घटना में 1850 घायल और 393 मौतें हुई हैं। चालू वर्ष 2022 में अब तक 569 सड़क दुर्घटना रिकॉर्ड हुईं। जिसमें 753 व्यक्ति घायल और 149 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति के चिन्हित ब्लैक स्पॉटों को संबंधित अधिकारी सुधारात्मक उपाय से समाप्त करें। सभी आवश्यक जगहों पर साइनेज, स्पीड ब्रेकर, रैम्बल स्ट्रिप का निर्माण किया जाए।

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन की गुड सेमेरिटन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि हम सबका सम्मिलित प्रयास होना चाहिए कि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि नहीं हो और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि कम से कम हो। उन्होंने सड़क एजेंसी के विभागों को सड़कों का मेंटेनेंस, आवश्यक साइनेज और झाड़ियां आदि की कटाई कर दृश्यता को बनाये रखने के निर्देश दिए।

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