Scrap in indore इंदौर। प्रदेश में वाहनों की कबाड़ नीति लागू करने के लिए पंजीकृत वाहनों को कबाड़ करने की सुविधा (आरवीएसएफ) और स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) खोलने के लिए परिवहन विभाग ने फरवरी माह से आवेदन बुलाए हैं। अब जाकर इसके लिए छह आवेदन मिले हैं। इनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए जो प्रदेश स्तरीय समिति बनाई गई है। उसमें इंदौर के तीन परिवहन अधिकारियों को रखा गया है। अंतिम निर्णय परिवहन आयुक्त लेंगे। इसके लिए जो प्राथमिकताएं तय की गई हैं, उसमें कम प्रदूषण फैलाने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार कबाड़ केंद्र के लिए इम्पीरियल मेटल और महिंद्रा एमएसटीसी रिसाइकलिंग लिमिटेड ने आवेदन किया है। एटीएस के लिए वेदंती व्हीकल फिटनेस ईएसवी और सिद्धक पटेल के नाम से दो आवेदन किए गए हैं। इसके अलावा भोपाल में एक केंद्र खोलने के लिए भी आवेदन आया है। अभी इसका परीक्षण किया जा रहा है। परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने इसके लिए छह सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें संभागीय परिवहन उपायुक्त सपना जैन, आरटीओ जितेन्द्र सिंह रघुवंशी और एआरटीओ हृदयेश यादव को लिया गया है।

यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार 15 साल पुराने वाहनों को कबाड़ में बदला जाना है। प्रदेश में इस आदेश को लागू करने में कठिनाई यह है कि यहां ऐसे कबाड़ सुविधा केंद्र ही नहीं हैं। परिवहन विभाग ने अधिकृत कबाड़ सुविधा केंद्र खोलने के लिए आवेदन मंगवाए हैं। यह केंद्र 10 साल के लिए बनाए जाएंगे। इसके बाद उनका नवीनीकरण कराना होगा। मध्यप्रदेश में 15 साल पुराने वाहनों की संख्या करीब 5 लाख है, वहीं इंदौर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अभिलेखों के अनुसार यहां करीब 4 लाख वाहन ऐसे हैं।

यादव ने बताया कि पंजीकृत वाहन कबाड़ सुविधा केंद्र स्थापित करने के लिए कोई भी व्यक्ति, फर्म, सोसायटी, कंपनी या ट्रस्ट परिवहन आयुक्त के समक्ष आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ रुपये एक लाख का गैर वापसी योग्य प्रसंस्करण शुल्क देय होगा। इसके अलावा दस लाख रुपये की अर्नेस्ट मनी बैंक गारंटी के रूप में जमा करनी होगी। आवेदक के पास आरेंज जोन औद्योगिक क्षेत्र में भूमि होनी आवश्यक है। इसके अलावा वाहनों को कबाड़ में बदलते समय केंद्र में कितना कम प्रदूषण पैदा होगा, यह भी देखा जाएगा। एआरटीओ यादव ने बताया कि वाहन को कबाड़ में बदलवाने पर एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसमें नया वाहन लेने पर मोटरयान कर में 15 प्रतिशत तक तथा गैर परिवहन यानों के मोटर यान कर में 25 प्रतिशत तक की छूट देने पर विचार चल रहा है। इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है।

वाहनों को कबाड़ में बदलवाने पर होगा लाभ
-जिन वाहनों की उम्र 15 साल से ऊपर हो गई है, वह फिटनेस में पास नहीं हो रहे हैं, उन्हें कबाड़ में बदलवाना होगा। पुराने वाहन अधिक धुआं छोड़ते हैं। इनके कबाड़ होने से वायु प्रदूषण कम होगा। वहीं जिन वाहनों की हालत अच्छी है, उनका फिटनेस एटीएस में ही करवाना होगा। यहां कुछ गड़बड़ी होने पर वाहन फिटनेस में फेल हो जाएगा।

-जिन वाहनों का लोहा रखे-रखे खराब हो रहा है, उसे कबाड़ में परिवर्तित कराने पर संबंधित व्यक्ति को रुपये भी मिल जाएंगे। नया वाहन खरीदता है तो पंजीयन शुल्क में छूट मिलेगी।
– वाहन कबाड़ किए जाने के बाद जो प्रमाणपत्र मिलेगा, उसे दूसरे व्यक्ति को भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। दूसरा व्यक्ति भी छूट का लाभ ले सकेगा।

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