MP Panchayat Chunav 2022 News: मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का ऐलान हो गया है। चुनाव की तैयारियों में लगा चुनाव आयोग उम्मीदवारों के लिए नियम-कायदे जारी कर रहा है। एक उम्मीदवार बिजली बिल और पंचायत कर के बकाया भुगतान के बिना चुनाव नहीं लड़ सकता है। यह व्यवस्था पहले से थी। लेकिन इस बार पंचायत चुनाव में भू-माफियाओं का प्रभाव भी जुड़ गया है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले उम्मीदवार अब चुनाव नहीं लड़ सकते।

कुल मिलाकर राज्य चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को कई शर्तें दी हैं। अगर इन शर्तों को पूरा नहीं किया गया तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उम्मीदवारों को देना होगा हलफनामा, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए राज्य चुनाव आयोग ने कुछ नियम और निर्देश जारी किए हैं। इस नियम के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार हलफनामा प्रस्तुत करना होता है। हलफनामे में दी गई जानकारी सत्य और सही होनी चाहिए।

अन्यथा गलत पाये जाने पर अभ्यर्थी को अपात्र घोषित किया जा सकता है। कहा गया है कि नामांकन पत्रों की जांच से पहले उम्मीदवार को एक हलफनामा देना होगा। गलत जानकारी पूरी तरह से अमान्य होगी। हलफनामा मैंने सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया, इस बार मुझे अन्य शर्तों के साथ सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं करने का हलफनामा देना है। राज्य चुनाव आयोग ने इसे प्राथमिकता के तौर पर शामिल किया है।

अब जिला पंचायत, जनपद पंचायत, सरपंच और पंच के उम्मीदवारों को अपने हलफनामे में यह लिखना होगा कि उन्होंने पंचायत या किसी अन्य सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया है। हलफनामे में उम्मीदवार को पति, पत्नी और आश्रितों की आय, संपत्ति और देनदारियों की जानकारी देनी होती है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि उम्मीदवार के घर में फ्लैश वाला शौचालय लगाया गया है। पंचायत कर और बिजली दिल का भुगतान नहीं करने पर उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इसके लिए भी बिजली विभाग और पंचायत विभाग से NOC तैयार कर जमा करनी होती है। साथ ही शपथ पत्र में यह जानकारी देनी होगी।

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