मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रहने वाले सीआरपीएफ के जवान शनिवार को अनंतनाग में शहीद हो गए। बुरी खबर पहुंचते ही घर और पूरे गांव में मातम छा गया। 52 वर्षीय जवान जलसिंह सखवार कुछ दिन पहले ही गांव में सब लोगों के बीच थे। रविवार सुबह अंबाह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बता दें कि शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में मुरैना जिले के अंबाह के रहने वाले जलसिंह सखवार शहीद हो गए। आतंकियों से मुकाबला करते हुए उन्हें सिर में गोली लगी। साथियों ने बदला लेते हुए एक आतंकी को मार गिराया था। जलसिंह के सीनियरों ने परिवार को दुखद सूचना देते हुए बताया था कि जलसिंह नाके पर ड्यूटी दे रहे थे तभी आतंकियों ने हमला कर दिया था।

इस खबर को सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया। हर किसी की जुबान पर कुछ दिन पहले की यादें थीं। परिजनों के मुताबिक जलसिंह की पार्थिव देह दिल्ली लाई गई। सड़क मार्ग से देर रात अंबाह पहुंचने की संभावना है। रविवार सुबह गृहग्राम अंबाह में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। शहीद जलसिंह के साले धर्मेंद्र ने बताया कि जीजाजी दीपावली से लगभग 10 दिन पहले ही छुट्टी मनाकर कश्मीर गए थे। वे एक महीने से घर अपने परिवार के साथ थे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जलसिंह के शहीद होने पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से शोक संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में पदस्थ देश के वीर सपूत व मुरैना की मिट्टी के लाल श्री जलसिंह सखवार जी का आतंकी हमले में निधन का समाचार अत्यंत दु:खदायी है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।

 

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