मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक और सहज रूप देखने को मिला। सड़क के किनारे अपने मामा के इंतजार में खड़ी भांजियों से मिलने के लिए सीएम ने अपने काफिले को रुकवा दिया। 

घटना उमरिया के ग्राम ताला के कस्तूरबा छात्रावास की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला गुरूवाहि हेलीपैड से ताला स्थित महुआ कोठी रिसोर्ट जा रहा था। उसी दौरान कस्तूरबा छात्रावास की छात्राएं हाथों में कलश लेकर मामा मुख्यमंत्री का इंतजार कर रही थी। जिसे देखकर मुख्यमंत्री ने अपनी भांजियों के लिए काफिला रुकवा दिया और भांजियों से बात करने लगे। सीएम शिवराज ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई का हाल जाना। सीएम ने उन्हें खूब पढ़ने का संदेश दिया और दोबारा आने का वादा कर आगे के लिए रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 13 नवंबर को शहडोल पंहुचे थे, जहां 15 नवंबर को आयोजित होने वाले जनजातीय गौरव दिवस आयोजन की समीक्षा की है। बता दें कि इस आयोजन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिस्सा ले रही हैं और लगभग दो लाख जनजतीय समुदाय के शामिल होने की संभावना है।

15 नवंबर से प्रदेश में लागू होगा पेशा कानून

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवाहि हेलीपैड में मीडिया से बातचीत में एलान किया कि मध्यप्रदेश में जनजतीय गौरव दिवस 15 नवंबर से पेशा कानून आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार की रात को महुआ कोठी में विश्राम करेंगे और 14 नवंबर को भोपाल के लिए रवाना होंगे।

 

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