New Delhi: उत्तर प्रदेश सरकार लगातार राशन कार्ड को लेकर चर्चा में है। पहले ये खबर सामने थी कि सरकार कार्ड सरेंडर करने को लेकर एक्शन में है जिसके बाद सरकार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार बस जांच कर रही है सरेंडर और वसूली जैसा कोई एक्शन फिलहाल नहीं लिया जा रहा है। अब यूपी सरकार प्रदेश में सर्वे करने जा रही है कि राशन कार्ड होल्डर कितना राशन ले रहे हैं और वे उसके पात्र है या नहीं। वही देशभर में साल 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है इसके चलते कई पात्र लोग भी सरकार की फ्री राशन योजना का लाभ नहीं ले पा रहे है। ऐसे लोग जो सरकार की मुफ्त राशन योजना का गलत तरीके से लाभ ले रहे थे सरकार उनका नाम काट रही है। योगी सरकार चाहती है कि जरूरतमंद लोगों को फ्री राशन मिले न कि जो लोग सक्षम है वह गलत तरीके से इसका लाभ लें।

सरकार को देनी होगी जानकारी

एक तरफ जहां सरकार सर्वे के जरिए यह पता कर रही कि आप मुफ्त राशन कितना और क्यों ले रहे हैं? इसके साथ ही आपको इस बात की जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी एनएसओ की ओर से शुरू हो रहे पारिवारिक उपयोग व्यव सर्वेक्षण में देनी होगी। यदि इसमें कोई गलती पाई जाती है तो आपका राशन कार्ड तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं है इसके तहत ये भी सर्वे किया जा रहा है कि घर में 3 साल से ऊपर तक के बच्चे इंटरनेट का कितना प्रयोग कर रहे है और आपको आसमान का लाभ कितना मिल रहा है।

सरकार अपात्र लोगों का नाम काटकर पात्र लोगों के नाम फ्री राशन योजना में जोड़ रही है। दरअसल, देश भर में साल 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है जिसके चलते कई पात्र लोगों को भी फ्री राशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब सरकार चरणबद्ध तरीके से ऐसे लोगों को इस योजना के तहत जोड़ने का काम कर रही है।

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