समस्त पदाभिहित स्थलों/मतदेय स्थलों पर 20 नवम्बर को द्वितीय विशेष कैम्प का होगा आयोजन

बलिया। अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश सिंह ने बताया है अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2023 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत मतदाताओं की सुविधा हेतु 20 नवम्बर को समस्त पदाभिहित स्थलों/मतदेय स्थलों पर द्वितीय विशेष कैम्प का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जन सामान्य से दावे और आपत्तियां यथा फार्म-6, 7 व 8 प्राप्त किये जायेगें। उक्त विशेष अभियान दिवस पर समस्त बी०एल०ओ०/पदाभिहित अधिकारी अपने-अपने निर्धारित मतदेय स्थल पर उपस्थित रहेगें तथा उच्चाधिकारियों द्वारा भ्रमण कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। अन्यथा की स्थिति में उनके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएंगी।

साथ ही जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण/समाज सेवी संगठनों से अपील है कि मजबूत लोकतंत्र में सबकी भागीदारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के अपेक्षानुसार सभी अर्ह व्यक्तियों/नवयुवक नवयुवतियों/महिलाओं का नाम जो 01 जनवरी, 2023 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त कर चुके हैं, परन्तु उनका नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होने से छूट गये है, निर्वाचक नामावली में शामिल कराने तथा अपात्र मतदाताओं का नाम अपमार्जित कराने में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें, जिससे त्रुटिरहित सर्वशुद्ध निर्वाचक नामावली तैयार हो सके।

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजन

बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय के मार्गदर्शन में व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा दो दिवसीय (18-19) नवंबर को व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रथम दिन जिले की कमजोर वर्ग की महिलाओं का सशक्तिकरण हेतु बिंदी, कृत्रिम आभूषण, सिंधोरा उत्पादन व मशरुम उत्पादन पर करनई, अपायल, भीखपुर, सलेमपुर और जीरा बस्ती की 50 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

 

मशरुम उत्पादन के प्रशिक्षक हरिशंकर वर्मा ने बताया कि मशरुम उत्पादन के माध्यम से महिलायें आर्थिक रुप से सक्षम होंगी। उन्होंने कहा कि पौष्टिकता से भरपूर सब्जी के रूप में मशरूम का तेजी से विकास हो रहा है। बाजार के अनरूप मांग को देखते हुए मशरूम की खेती पर भी बहुत अधिक जोर देने की आवश्यकता है। अतः मशरुम की खेती कम भूमि में तथा कम खर्चे में और कम समय अधिक उत्पादन के साथ मुनाफा देने वाली फसल बनते जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी है। जिस हिसाब से बाजार में इसकी मांग है, उस हिसाब से अभी इसका उत्पादन नहीं हो रहा है। ऐसे में किसान मशरूम की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। मशरूम एक पूर्ण स्वास्थ्यवर्धक है

जो सभी लोगों बच्चों से लेकर वृद्ध तक के लिए अनुकूल है। इसमे प्रोटीन, रेशा, विटामिन तथा खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। ताजे मशरूम में 80-90 प्रतिशत पानी होता है तथा प्रोटीन की मात्रा 12- 35 प्रतिशत, कार्बाेहाइड्रेट 26-82 प्रतिशत एवं रेशा 8-10 प्रतिशत होता है । मशरूम में पाये जाने वाला रेशा पाचक होता है। मशरूम शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढाता है स्वास्थ्य ठीक रहता है।

कैंसर की सम्भावना कम करता है। गॉठ की वृद्धि को रोकता है, रक्त शर्करा को सन्तुलित करता है। मशरूम हृदय के लिए, मधुमेह के रोगियों एवं मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए, कैंसर रोधी प्रभाव रोगों में लाभदायक है। बिन्दी निर्माण के प्रशिक्षक प्रवीण ने कहा कि महिलाये अपने छोटे से घर के एक कमरे में बैठीं चार-पांच महिलाएं बिंदी का निर्माण कर उसे बाजार में बेचने लायक बना सकती है।

जिलें में कई घर हैं जहां बिंदी बनाकर महिलाएं अपने परिवार से गरीबी भगा रही हैं। साल-दो साल पहले तक बेरंग इनकी जिंदगी में बिंदी के कारोबार ने चमक बिखेर दी है। बिंदी का कारोबार पंचायत में कुटीर उद्योग का रूप ले रहा है। महिलाओं ने कार्यशाला में स्वयं बिन्दी बनाने का गुण सीखा। कार्यक्रम में निदेशक शैक्षणिक डा. पुष्पा मिश्रा व अन्य अध्यापकगण उपस्थित रहे।

किसान मेला/प्रदर्शनी का मुख्य अतिथि माननीय विधायिका केतकी सिंह ने फीता काटकर किया शुभारंभ

बलिया। कृषि सूचना तंत्र एवं सुदृढ़ीकरण योजनांतर्गत पारंपरिक ददरी मेला में विराट किसान मेला एवं प्रदर्शनी का दूसरे दिन भी आयोजन किया गया है, जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विधायिका केतकी सिंह विधान सभा बांसडीह द्वारा फीता काटकर उद्घाटन व मंच पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

तदोपरान्त श्री इन्द्राज उप कृषि निदेशक एवं श्री धर्मेन्द्र कुमार सिंह जिला कृषि अधिकारी द्वारा मेले मे लगे स्टाल व प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया, इस दौरान प्रो0 हीरा ईंजीनियरिंग वर्क्स, बलिया के तरफ से मुख्य अतिथि जी को पावर स्प्रेयर सप्रेम भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि का स्वागत उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी के साथ-साथ कृषक श्री जय प्रकाश पाण्डेय, श्री राजेश गौड,  संतोष सिंह किसान,  संजय सिंह,  ओमप्रकाश सिंह,  सतीश यादव,  गोपाल सिंह,  ब्रिज बिहारी सिंह,  जगत नरायन, आदि कृषकों द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक ने माननीय विधायिका जी के साथ साथ दूर दराज से आए कृषक बंधुओं का हार्दिक स्वागत करते हुए, कृषि विभाग द्वारा संचालित पराली प्रबंधन, ट्रैक्टर चालित यन्त्रों पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान, फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि माननीय विधायिका श्रीमती केतकी सिंह जी ने विराट किसान मेले की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ही हर विकास खण्ड में न्याय पंचायत के गांव तक किए जाने चाहिए, जिससे कृषक बंधुओ को जागरूक किया जा सके, किसान बंधुओ से भी अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या मे किसान भाई ऐसे कार्यक्रम मे प्रतिभाग करें।

तकनीकी सत्र में कृषक बंधुओं को मशरूम उत्पादन पर हरिशंकर वर्मा व कृषि रक्षा व सामयिक विषयों पर गोपाल राम कृषि विशेषज्ञ द्वारा विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गयी, मेले में किसान पंजीकरण व स्टेशनरी वितरण कृषि विभाग द्वारा तथा मेले में कृषकों, सुमील केमिकल्स, श्रीराम फर्टिलाइजर, कृषि यंत्र, फसल बीमा, गन्ना,पशुपालन समाज कल्याण, बाल विकास कृषि रक्षा, भूमि परीक्षण , मलेरिया से संबंधित स्टाल लगे हुए हैं।

कार्यक्रम के अन्त में उप कृषि निदेशक के द्वारा मेले में आये हुए कृषकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समापन की घोषणा की गयी। कार्यक्रम का संचालन श्री अश्वनी त्रिपाठी प्राविधिक सहायक-सी के द्वारा किया गया।

सोलर रूफटॉप ऑनग्रिड सिस्टम लगाने पर राज्य सरकार एवं भारत सरकार द्वारा सब्सिडी अनुदान का लाभ उठायें

बलिया। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने बताया है कि अपने घरेलु विद्युत कनेक्शन की क्षमता के आधार पर ऑनग्रिड सोलर रूफटॉप संचालित नेशनलसिस्टम लगवाने हेतु एमएनआरई,भारत(www.solarrooftop.gov.in) पर अनिवार्य रूप से अपना आवेदन/ पंजीकरण कर केन्द्रीय एवं राज्यानुदान दोनो का लाभ प्राप्त कर सकते है।

कार्यक्रम के विषय में विस्तृत जानकारी यूपीनेडा पोर्टल- (www.upnedasolarrooftopportal.com) पर जाकर की जा सकती है। पोर्टल पर वेण्डर कि सूची उपलब्ध है, जिससे लाभार्थी अपने वेण्डर (संयंत्र स्थापनाकर्ता फर्म) का चयन उक्त पोर्टल के माध्यम से कर सकते है। संयंत्र की स्थापना उपरान्त राज्यानुदान यूपीनेडा द्वारा एवं केन्द्रानुदान सम्बन्धित डिस्काम (विद्युत विभाग) के द्वारा संयंत्र की क्षमता के आधार पर लाभार्थी के खाते में (डीबीटी) के माध्यम से प्राप्त होगा।

केन्द्रानुदान के अन्तर्गत घरेलुउपभोक्ताओ के लिये 01 कि०वा० से 03 कि०वा0 तक रूफटॉप सोलर पावर प्लाण्ट संयंत्र पर अनुदान 14,588/- प्रति कि०वा० अनुमन्य है। 03 कि०वा0 से अधिक 10 कि०वा0 तक संयंत्रो पर रू0 7,294/- प्रति कि०वा० अनुदान अनुमन्य है। इसके अतिरिक्त राज्यानुदान रू0 15 हजार प्रति कि०वा० अधिकत्तम रू0 30 हजार दिये जाने का प्राविधान है। सोलर सिस्टम से प्रति किलोवाट लगभग 04 यूनिट तक प्रतिदिन विद्युत उत्पादन होता है। इस प्रकार 01 किलोवाट संयंत्र से एक माह में लगभग 120 यूनिट का विद्युत उत्पादन होगा,

जिससे उपभोक्ता को 120 यूनिट बिजली का बिल कम पड़ेगा। संयंत्र पर व्यय की गयी धनराशि 3 से 4 वर्ष में वसूल हो जाती है। विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा जिला पंचायत भवन, बलिया से सम्पर्क किया जा सकता है।

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