बैरिया।एक तरफ सरकार जहां कोरोना वैक्सीन को आम आदमी तक जल्द पहुचाने की तैयारियों में जुटी है।वही दूसरी तरफ बैरिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत विकास खंड बैरिया के गंगा उस पार ग्रामपंचायत नौरंगा के लगभग बीस हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था,लेकिन सरकारी अस्पताल होने के बावजूद भी गर्भवती महिलाओं जच्चा व बच्चा की देखभाल,टीकाकरण आदि इलाज व प्रसव के लिए 21 किमी दूर बिहार प्रांन्त में जाने को मजबूर है।प्राथमिक स्वास्थ्य के नौरंगा डॉक्टर और स्टाफ के नही आने के कारण पुरा स्वास्थ्य केंद्र खंडहर व तबेले में बदल गया है।इस सरकारी अस्पताल में गोबर व गोबर के उपले जगह जगह नजर आते है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अस्पताल में कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नही आता है कभी कोई डॉक्टर,फार्मासिस्ट नहीं आते हैं।वहीं गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टिकाकरण के लिए गांव में कोई एएनएम.तक नहीं आती है। ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्थाएं ठीक करने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं।यहां तक कि दुर्व्यवस्था की शिकायत जिलाधिकारी तक से की गई है।जिले के आला अधिकारी से गुहार लगाने के बाद भी नही कोई सुनवाई अब तक नहीं हो पाई है।

बैरिया।नौरंगा गांव निवासी पीड़ित, गर्भवती महिला गीतांजलि से पुछे जाने पर बाताई की कोरोना से पहले एलटी और फार्मासिस्ट अस्पताल में आते थे लेकिन मार्च 2020 से नियुक्त डॉक्टर आज तक यहां नही आये है।अचानक किसी की तबियत खराब हो जाती है तो ईलाज के लिए बिहार के शाहपुर 21 किमी और आरा 40 किमी दूर जाते है।गर्भवती महिला का आरोप है कि यहाँ कोई आता ही नही है।मैं 8 महीने से गर्भवती हूँ आज तक कोई सुई नही लगा है।हमेशा डर बना रहता है कि कुछ हो न जाय। यहाँ कोई सुविधा नही है।इसलिए बिहार के शाहपुर 21 किमी दूर जाना पड़ता है।वहीं गांव के कमलेश्वर ठाकुर ने बताया कि हम लोगों की बातों को कोई अधिकारी सुनने वाला नही है, स्थिति यह है कि ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए है।जिलाधिकारी से बताया गया जिलाधिकारी सब जानते है।जिलाधिकारी ने भी कोई रुचि नही दीखई सिर्फ आश्वासन दिया।वहीं नौरंगा गांव के राजमंगल ठाकुर की माने तो 2007 साल की बिल्डिंग है और उसके बाद आज तक यहां डॉक्टरों की तैनाती तो नहीं हुई फार्मासिस्ट कभी-कभी आते हैं कोरोना काल से ही अस्पताल में ताला बंद है पहले कुछ लोग आते थे,लेकिन इस समय तो एकदम बंद ही बंद है,इसकी शिकायत डीएम साहब से कितनी बार की गई तत्कालीन डीएम साहब से भी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बैरिया।इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार नायक से पुछा गया तो उपजिलाधिकारी ने कहा कि अब मामले की जानकारी हूई है, जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सीएमओ के माध्यम से अस्पताल की व्यवस्था ठीक कराने की बात कह रहे है।

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